खैरागढ़* छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले से एक भावुक और हतप्रभ कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जिले के छुईखदान ब्लॉक के ग्राम खुटेलीकला में रहने वाले मिलाप वर्मा अपनी वृद्ध मां **मंगतिन बाई वर्मा** को गोद में लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवास की राशि दिलाने की गुहार लगाई।
मंगतिन बाई वर्मा के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पक्का मकान स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अभी तक उनके खाते में पैसा नहीं आया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा कई बार उनके फोटो लिए जा चुके हैं, लेकिन आवास निर्माण के लिए जरूरी धनराशि अब तक जारी नहीं हुई है। इस कारण से मंगतिन बाई का परिवार जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। पक्के मकान की आस और सरकारी लापरवाही से परेशान होकर मां-बेटे ने कलेक्टर खैरागढ़ से मिलकर राहत की अपील की।
### **जर्जर मकान में रहने को मजबूर परिवार**
मंगतिन बाई का परिवार कई महीनों से अत्यंत दयनीय स्थिति में है। जर्जर मकान में रहने से उनका जीवन संकट में है, और प्रशासनिक लापरवाही ने उनकी समस्या को और भी गंभीर बना दिया है। मिलाप वर्मा ने बताया कि तीन-चार बार संबंधित विभाग ने उनकी मां की फोटो खींची, लेकिन आवास की स्वीकृत राशि उनके खाते में अब तक जमा नहीं की गई है। इस कारण वे आज अपनी मां को गोद में उठाकर जिला मुख्यालय आए, ताकि किसी तरह से उनकी परेशानी का हल निकाला जा सके।
### **कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार पर लगाया आरोप**
खैरागढ़ के कांग्रेस नेता **राजा सोलंकी** ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने **सूचना के अधिकार (RTI)** के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति से संबंधित जानकारी निकाली और एक बड़ा खुलासा किया है। राजा सोलंकी के अनुसार, जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, तब से लेकर सितंबर माह तक खैरागढ़ नगर पालिका क्षेत्र में एक भी प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल कागजों पर विकास दिखा रही है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।
### **प्रभारी मंत्री का बयान**
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ के प्रभारी मंत्री **लखनलाल देवांगन** ने पिछली सरकार पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि वर्तमान समस्याओं के लिए पिछली सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द ही संबंधित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ दिया जाएगा।
### **योजनाओं की वास्तविकता पर सवाल**
इस घटना ने सरकारी योजनाओं की जमीनी सच्चाई को उजागर किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, लेकिन इस योजना में प्रशासनिक लापरवाही के चलते मंगतिन बाई वर्मा जैसे कई जरूरतमंद परिवारों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मंगतिन बाई और उनके बेटे मिलाप वर्मा की यह तस्वीर प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक संदेश है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि सरकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए कितनी तत्परता और संवेदनशीलता की जरूरत होती है। अब देखना यह है कि क्या कलेक्टर और प्रशासन इस परिवार की समस्याओं का त्वरित समाधान कर पाते हैं, या यह मामला भी कागजी प्रक्रियाओं में उलझ कर रह जाएगा।









