कुसमुंडा कोयला खदान क्षेत्र में बीते कल (31 मई 2026) को माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब रात्रि पाली में ड्यूटी पर तैनात माइनिंग सरदार श्री चंद्रशेखर दास के साथ नीलकंठ कंपनी के एक ड्राइवर ने गाली-गलौज और मारपीट कर दी। इस घटना से आक्रोशित होकर पूरा माइनिंग स्टाफ सतर्कता चौक पर लामबंद हो गया और विरोध स्वरूप खदान का प्रोडक्शन (उत्पादन) पूरी तरह ठप कर दिया।
## गाली-गलौज और मारपीट के बाद उपजा आक्रोश
मिली जानकारी के अनुसार, नीलकंठ कंपनी के ड्राइवर राजन पटेल (वाहन संख्या: CG-12 BR 5119) ने माइनिंग सरदार चंद्रशेखर दास के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की। इस घटना की खबर फैलते ही माइनिंग सुपरवाइजर्स और स्टाफ में भारी आक्रोश फैल गया। सभी काम बंद कर सतर्कता चौक पर जमा हो गए और प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
## प्रबंधन के लिखित आश्वासन के बाद शांत हुआ मामला:
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रबंधन और नीलकंठ कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा माफीनामा सौंपने और दोषी ड्राइवर के खिलाफ सख्त लिखित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ही स्टाफ शांत हुआ और काम पर वापस लौटा।
## दोषी ड्राइवर पर हुई ये बड़ी कार्रवाई:
हाथ से लिखे गए आधिकारिक आदेश के अनुसार, मामले में निम्नलिखित त्वरित कदम उठाए गए हैं:
* ड्राइवर की बर्खास्तगी: दोषी ड्राइवर राजन पटेल को तत्काल प्रभाव से डिसमिस (Dismiss) और ब्लैकलिस्ट (Black-listed) कर दिया गया है।
* मैनेजर से मांगा माफीनामा: नीलकंठ कंपनी के मैनेजर श्री विनोद चौधरी से सामूहिक रूप से माफीनामा मांगा गया है।
* वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिलिपि: इस लिखित कार्यालयीन आदेश की प्रति वरिष्ठ ओवरमैन मैन श्री अशोक साहू को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु सौंपी गई है।
## ये प्रमुख लोग रहे शामिल
प्रदर्शन में मुख्य रूप से अशोक साहू, मनीष सिंह, बबई, संदीप, लक्ष्मी, सुमंत, विमल, उपेंद्र, पवन, अभिनव, दिनेश महोबिया, रवि राठौर, तुलसी सर, बासु मंडल, कुलदीप, दीपक सोरेन, अशोक किसान, अनिल बंजारे, नितेश रंजन, सुशील पैकरा, महेंद्र कुमरे, मनीराम साहू, अनिल केशरी सहित लगभग 60 से 70 माइनिंग सुपरवाइजर और कर्मचारी एकजुट होकर हक की आवाज बुलंद करने पहुंचे थे।






