कोरबा के शिक्षाअधिकारी आए दिन सुर्खियों में बने रहते हैं। एक से बढ़कर एक बयान या आदेश जारी कर वे अक्सर लोगों की नजरो में चढ़ जाते है। ऐसा उन्होने एक बार फिर किया, डीएवी मूख्यमंत्री पब्लिक स्कूल खरमोरा जो की छत्तिसगढ सरकार द्वारा वित्तपोशित व सीबीएसई से एफिलेटेड है। और आरटीई एक्ट लागू है लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पांडे के द्वारा इन विद्याालयों का समन्वय किया जा रहा है । सीबीएसई के एफिलेसन बाईलास के अनुसार विद्याालय मे शिक्षकों की स्थाई नियुक्ति करना अनिवार्य हैं, नियुक्त शिक्षक नियमानुसाार उसी विद्याालय मे शिक्षण कार्य हेतु अपेक्षित है जहां उसकी नियुक्ति हुई है । उस विद्याालय के अलावा उस नियुक्त शिक्षक से दुसरे विद्याालय का कार्य लेना सीबीएसइ्र एफिलेसन बाइ्रलास एवं आर टी ई एक्ट अंतग्रत गैरकानुनी है । किन्तु खरमोरा मे स्थित मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कुल मे नियमानुसार स्थाई षिक्षकों की नियुकित नही की गई। और यहां अस्थाई शिक्षकों को नियुक्त किया गया है। यही नहीं डीएवी पब्लिक स्कूल खरमोरा मे अघ्ययनरत बच्चों की आॅनलाइन क्लास डीएवी पब्लिक स्कुल एसईसीएल केांरबा के स्थाई शिक्षकों ली गई जो की गैरकानुनी है।









