कोरबा। Korba जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए पोड़ी उपरोड़ा खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ एक बाबू को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी प्रधान पाठक की जीपीएफ पासबुक में कटौती राशि की एंट्री करने के बदले रिश्वत मांग रहा था।
जानकारी के अनुसार प्राथमिक शाला रोगदा, विकासखंड करतला में पदस्थ प्रधान पाठक अमृत लाल बघेल ने Anti Corruption Bureau की बिलासपुर इकाई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि वे मई 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले हैं और पूर्व में पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र में पदस्थ थे। उस दौरान की जीपीएफ कटौती राशि की एंट्री पासबुक में कराने के लिए उन्होंने अपनी जीपीएफ पासबुक पोड़ी उपरोड़ा खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ बाबू प्रदीप मिश्रा के पास जमा की थी।
आरोप है कि बाबू प्रदीप मिश्रा ने पासबुक में जीपीएफ एंट्री करने के एवज में 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने मामले की जानकारी एसीबी को दी और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की मांग की।
शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी टीम ने पूरी योजना तैयार की। शुक्रवार 29 मई 2026 को आरोपी ने शिकायतकर्ता को ग्राम तुमान स्थित जन समस्या निवारण शिविर के पास पैसे लेकर बुलाया। तय रणनीति के अनुसार शिकायतकर्ता मिडिल स्कूल तुमान परिसर पहुंचा। जैसे ही आरोपी प्रदीप मिश्रा ने रिश्वत की रकम लेकर उसे अपनी जेब में रखा, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
एसीबी ने आरोपी के कब्जे से 40 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर ली है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
एसीबी अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कोई शासकीय कर्मचारी किसी भी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत एसीबी को दें, ताकि भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।









