कोरबा जिला में कोल ब्लॉक नीलामी के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों ने उरगा-हाटी राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। चचिया चौक पर करीब एक दर्जन गांवों के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने सड़क को लगभग 8 घंटे तक जाम रखा। प्रशासन द्वारा ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोल ब्लॉक नहीं खोलने का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
जल-जंगल-जमीन बचाने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि कोयला उत्खनन से उनके जल, जंगल और जमीन को भारी नुकसान होगा, जिसे वे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। इसी मांग को लेकर सुबह करीब 10 बजे ग्रामीण चचिया चौक पर एकत्रित हुए और राजमार्ग अवरुद्ध कर दिया।
नीलामी की चर्चा से बढ़ा आक्रोश
कोरबा और करतला क्षेत्र के करतला साउथ, कलगामार, मदवानी, बताती कोलगा वेस्ट और तौलीपाली कोल ब्लॉक की नीलामी की चर्चाओं के बाद ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है। तौलीपाली, करतला, मदवानी, कलगामार, चचिया, कोलगा और लुदुखेत समेत कई गांवों के लोग विरोध में एकजुट हो गए।
सर्वे और पेड़ कटाई से तेज हुआ विरोध
क्षेत्र में पहले से ही कोल ब्लॉक का विरोध चल रहा था, लेकिन हाल के दिनों में भू-सर्वेक्षण, चार्टर प्लेन की आवाजाही और जंगल में ब्लास्टिंग व पेड़ कटाई की खबरों ने आंदोलन को और तेज कर दिया। ग्रामीणों ने पहले भी वनमंडल कार्यालय का घेराव कर विरोध दर्ज कराया था।
प्रशासन के आश्वासन पर खत्म हुआ जाम
प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि ग्राम सभा की अनुमति के बिना कोई भी कोल ब्लॉक शुरू नहीं किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने 8 घंटे लंबा चक्काजाम समाप्त कर दिया।









