कोरबा। जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पुटी पखना में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम के नेतृत्व में एक विशाल महापंचायत एवं जन आंदोलन का आयोजन किया गया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आदिवासी समाज के लोगों ने हिस्सा लिया।
आंदोलन का मुख्य उद्देश्य वन अधिकार पट्टा की मांग और रूंगटा कोल माइंस खदान के प्रस्तावित विस्तार का विरोध करना रहा। ग्रामीणों ने एक स्वर में खदान विस्तार को क्षेत्र के लिए विनाशकारी बताते हुए इसका विरोध किया।
महापंचायत को संबोधित करते हुए विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा चार से अधिक प्रभावित ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों पर दबाव बनाकर जबरन प्रस्ताव पारित कराए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया रूंगटा कोल माइंस के लिए भूमि अधिग्रहण की तैयारी के तहत की जा रही है।
विधायक मरकाम ने कहा कि क्षेत्र में पहले से ही दो कोयला खदानें संचालित हैं, जिससे पर्यावरण, जल स्रोतों, जंगलों और स्थानीय लोगों की आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक और खदान खोली गई तो आदिवासी समाज का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो ग्राम पंचायतें खदान विस्तार के समर्थन में प्रस्ताव पारित करेंगी, उनके खिलाफ ग्रामीणों के सहयोग से अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।
महापंचायत में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए विधायक ने कहा, “हमारी जमीन, हमारा कोयला है। जमीन देने या न देने का फैसला ग्रामीण खुद करेंगे।”
इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन और कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वन अधिकार कानून के तहत जल्द से जल्द व्यक्तिगत और सामुदायिक पट्टे देने की मांग की। आंदोलन को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।









