Sunday, September 20, 2026

क्या छत्तीसगढ़ में कोरोना के तीसरी लहर ने दी दस्तक ,माना के बाल संप्रेक्षण गृह में कोरोना ब्लास्ट, 45 बच्चे संक्रमित, 5 स्टाफ भी पॉजिटिव


रायपुर: रायपुर के माना स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में कोरोना ब्लास्ट हुआ है। बाल संप्रेक्षण गृह में 45 बच्चे कोरोना संक्रमित मिले हैं। साथ ही स्टाफ के 5 लोगों का रिपोर्ट भी पॉजिटिव आया है। इतने ज्यादा संख्या में संक्रमितों की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया है। 45 बच्चे और 5 स्टाफ कोरोना संक्रमित होने के बाद संप्रेक्षण गृह को आइसोलेशन सेंटर तब्दील किया गया है। वहीं बच्चों के उपचार के लिए 6 नर्स और एक डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई है। वैसे भी देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर बेकाबू होती जा रही है। हर दिन कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्‍या बढ़ रही है। एक ओर जहां देश कोरोना की दूसरी लहर ने कोहराम मचा रखा है, वहीं विशेषज्ञों ने अभी से तीसरी लहर की आशंका जता दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना की तीसरी लहर बच्‍चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। लेकिन माना में हुए कोरोना ब्लास्ट को कोरोना के तीसरे लहर से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

इस मामले में क्या कहते है विशेषज्ञों

विशेषज्ञों के मुताबिक देश में कोरोना की पहली लहर बुजुर्गों के लिए खतरा बनी थी जबकि दूसरी लहर युवा आबादी के लिए खतरनाक साबित हुई थी। विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना की तीसरी लहर बच्‍चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर सितंबर तक आ सकती है लेकिन छत्तीसगढ़ में माना स्थित बाल सुधार गृह से मिल रही जानकरी के मुताबिक 45 बच्चे संक्रमित है। 

टीकाकरण पर ध्यान

एक रिपोर्ट के मुताबिक बाल चिकित्सा और संक्रामक रोगों के विशेषज्ञों का कहना है कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों के टीकाकरण कार्यक्रम को शुरू कर देना चाहिए। अगर सरकार ने इस संबंध में जल्‍दी कोई कदम नहीं उठाए तो कोरोना की तीसरी लहर बच्‍चों के लिए घातक साबित हो सकती है। विशेषज्ञ ने कहा, ऐसे समय में जब कोरोना की तीसरी लहर के बारे में आशंका जताई गई है, ऐसे समय में टीका न लगवाने वाले बच्‍चों में खतरा बढ़ जाएगा। बता दें कि कोरोना वैक्‍सीन को इस समय कोरोना से बचने का सबसे बड़ा हथियार माना जा रहा है।

घातक साबित होगी तीसरी लहर

विशेषज्ञों ने कहा कि कोरोना का नया संक्रमण भले ही बच्‍चों में किसी भी तरह की गंभीर समस्‍या पैदा नहीं कर रहा हो, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में बच्‍चे बीमार जरूर हो रहे हैं। पहली लहर की अपेक्षा दूसरी लहर में मुंबई पुणे जैसे शहरों में बच्चें ज्यादा संक्रमित हुए हैं। ऐसे में अगर तीसरी लहर आई तो सबसे ज्‍यादा खतरा इन्‍हीं बच्‍चों को होगा। ऐसे में हमें बच्‍चों के लिए अब टीके की आवश्‍यकता होगी।