
खैरागढ़ विधानसभा के लिए मंगलवार सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। सुबह 9 बजे तक 17 फीसदी वोट पड़ चुके थे। इस बीच छुईखदान के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में बने बूथ पर हंगामा हो गया है। यहां भाजपा प्रत्याशी मतदान केंद्र के अंदर जा रहे थे। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि उनका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद कोमल जंघेल ने नाराजगी जताई और पुलिसकर्मी को वहां से हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। हालांकि अफसरों का कहना है कि प्रत्याशी को पहचान नहीं पाने के कारण दिक्कत हुई है।
दूसरी ओर से मतदान को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। बूथों पर पुरूष मतदाता की अपेक्षा महिलाओं की ज्यादा लंबी लाइन लगी है। हालांकि सुबह की शुरुआत थोड़ी धीमी होने के बाद अब रफ्तार पकड़ने लगी है। इससे पहले सुबह करीब 9.30 बजे कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा और भाजपा उम्मीदवार कोमल जंघेल परिवार के साथ मतदान करने के लिए पहुंचे। दोनों उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है।
कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा ने ग्राम देवारीभाट के शासकीय प्राथमिक शाला पहुंच कर मतदान किया और अपनी जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की जीत तय है लोगों का विश्वास उन्हें मिलेगा अगर कांग्रेस जीती है तो निश्चित तौर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खैरागढ़ को जिला बनाएंगे। पिछली बार खैरागढ़ विधानसभा में केवल 36% वोट ही पड़े थे। संभावना है कि इस बार वोट का प्रतिशत बढ़ेगा।
दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी कोमल जंघेल ने परिवार सहित अपने गांव घिरघोली में बने बूथ पर मतदान किया। मतदान के बाद कोमल जंघेल ने कहा कि जनता का भरपूर प्यार और समर्थन मिला है। क्षेत्र की जनता का आशीर्वाद है, जीत होगी। उन्होंने कहा कि सीधा मुकाबला कांग्रेस से है, जनता कांग्रेस का कोई जनाधार नहीं है। दावा किया कि कांग्रेस के घोषणा-पत्र का कोई प्रभाव जनता में नहीं पड़ा है। भाजपा प्रत्याशी के गांव में 1 घंटे में ही करीब 30 फीसदी वोट पड़ चुके हैं।











