Saturday, June 13, 2026

“चमत्कारी पानी” से इलाज का दावा और धर्मांतरण की कोशिश, देवी-देवताओं पर टिप्पणी करने वाला पास्टर समेत 2 गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम उदयबंद में कथित रूप से धर्मांतरण (धर्म परिवर्तन) और अंधविश्वास फैलाने का मामला सामने आया है। इलाज के नाम पर “चंगाई सभा” का आयोजन कर हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और लोगों को बहलाने-फुसलाने के आरोप में पुलिस ने पास्टर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

बद्रीनाथ बरेठ के घर लगी थी चंगाई सभा

मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह ग्राम उदयबंद के गुड़ीपारा इलाके के पास रहने वाले बद्रीनाथ बरेठ के घर पर एक चंगाई सभा का आयोजन किया गया था। इस सभा में गांव की भोली-भाली महिलाओं और पुरुषों को भारी संख्या में जुटाया गया था।

इस सभा की भनक हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता सतीश सोनी को लगी। इसके बाद वे अपने अन्य साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और वहां चल रही गतिविधियों का विरोध करते हुए इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी।

“शिव-विष्णु कुछ नहीं कर सकते…” पास्टर का वीडियो आया सामने

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सभा में पहुंचे लोगों को अंधविश्वास में धकेलने की कोशिश की जा रही थी:

  • इलाज का झूठा दावा: लोगों को बताया जा रहा था कि ईसा मसीह का दिया हुआ “दो घूंट चमत्कारी पानी” पीने से उनकी सभी पुरानी बीमारियां ठीक हो जाएंगी।

  • देवी-देवताओं पर टिप्पणी: मौके पर मौजूद पास्टर ने कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक बातें कहीं। आरोप है कि पास्टर ने कहा, “तुम्हारे शिव, विष्णु और ब्रह्मा कुछ नहीं कर सकते, जबकि ईसा मसीह का पानी सब ठीक कर देगा।” इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है।

  • धार्मिक प्रचार: सभा में आए लोगों को ईसाई धर्म का प्रचार करते हुए बाइबल और उससे जुड़ी अन्य किताबें भी बांटी जा रही थीं।

हिंदू संगठन की शिकायत पर FIR दर्ज, आरोपी जेल भेजे गए

हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी सतीश सोनी की लिखित शिकायत के बाद सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, अंधविश्वास फैलाने और जबरन/प्रलोभन देकर धर्मांतरण की कोशिश करने की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पास्टर समेत दो लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था और सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की आगे की जांच की जा रही है।