बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में जमीन बंटवारे के नाम पर कथित तौर पर 25 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी को निलंबित कर दिया गया है। रिश्वत लेते हुए उसका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
रिश्वत लेते वीडियो वायरल, प्रशासन ने लिया एक्शन
वायरल वीडियो में पटवारी कथित तौर पर पहले पैसे लेने से इनकार करता दिखाई देता है। वीडियो में वह यह कहते हुए सुनाई देता है कि पैसा उसकी जेब में जाता तो ठीक रहता। इसके बाद वह पैसे रख लेता है और मामले को लेकर सावधानी बरतने जैसी बात कहता सुनाई देता है।
बताया जा रहा है कि वीडियो करीब एक साल पुराना है। इसके सामने आने के बाद राजस्व विभाग में कार्रवाई की गई। हालांकि, वीडियो की पूरी परिस्थितियों और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित जांच के आधार पर ही की जा सकती है।
जमीन के बंटवारे के लिए मांगे गए थे 50 हजार रुपये
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम लोहर्सी सोन निवासी ओम प्रकाश साहू ने यह वीडियो बनाया था। उसके मुताबिक, पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी की पोस्टिंग करीब एक साल पहले लोहर्सी सोन के हल्का नंबर में थी। इसी दौरान कपिल साहू की जमीन का बंटवारा यानी बटांकन करने के लिए कथित तौर पर 50 हजार रुपये की मांग की गई थी।
आरोप है कि इसी रकम में से 25 हजार रुपये देते समय वीडियो बनाया गया। अब वीडियो वायरल होने के बाद मामला सामने आया है।
पटवारी ने थाने में दर्ज कराई थी ब्लैकमेलिंग की शिकायत
रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में पटवारी का तबादला पचपेड़ी हल्का नंबर में हो गया था। इस बीच कपिल साहू के राजस्व संबंधी मामले को लेकर विवाद हुआ। ओम प्रकाश साहू का दावा है कि पटवारी पर मामले को सुधारने का दबाव बनाया गया और पुराना वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी गई।
इसके बाद पटवारी ने करीब एक सप्ताह पहले पचपेड़ी थाने में ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों पक्षों को बयान के लिए बुलाया। बताया गया कि इस दौरान दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। हालांकि, बाद में रिश्वत लेने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन
वायरल वीडियो के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। रिपोर्ट के अनुसार, पचपेड़ी तहसीलदार के जांच प्रतिवेदन के आधार पर पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी के खिलाफ कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जांच में रिश्वत लेने की पुष्टि होने का दावा किया गया है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई और जांच की स्थिति की जानकारी आधिकारिक आदेश से स्पष्ट होगी।
सरकारी काम के बदले रिश्वत का आरोप गंभीर
जमीन का बंटवारा और अन्य राजस्व संबंधी कार्य आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे कार्यों के बदले रिश्वत मांगने या लेने की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है। इस मामले में वायरल वीडियो, शिकायतों और विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





