रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री को लेकर सदन में जोरदार बहस देखने को मिली। विपक्ष ने प्रशासन को असफल बताया, जबकि सरकार ने सख्त कार्रवाई का दावा करते हुए आरोपों को खारिज कर दिया।
नशे की बढ़ती समस्या पर विपक्ष का हमला
बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक ने राज्य में नशीले पदार्थों की बढ़ती खपत पर चिंता जताई।
चंद्राकर ने AIIMS और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के राष्ट्रीय सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में ड्रग उपयोगकर्ताओं की संख्या 1.5 से 2 लाख तक पहुंच गई है, जबकि गांजा सेवन करने वालों की संख्या 3.8 से 4 लाख बताई गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि 10 से 17 वर्ष के 40 हजार से अधिक बच्चे और किशोर इन्हेलेंट्स व कफ सिरप के शिकार हैं, और नशे की वजह से आत्महत्या की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने प्रशासन को इस समस्या पर नियंत्रण में असफल बताया।
सरकार का जवाब – कार्रवाई जारी, प्रशासन फेल नहीं
गृहमंत्री विजय शर्मा ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि 31 जनवरी 2026 तक 146 मामलों में 257 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
साल 2025 में 16 आरोपियों की करीब 13.29 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त या फ्रीज की गई है। सभी जिलों में टास्क फोर्स बनाकर कार्रवाई की जा रही है।
शराब पर चर्चा को लेकर सदन में नोकझोंक
नशे पर चर्चा के दौरान शराब का मुद्दा भी उठा। गृहमंत्री के “शराब पर चर्चा लंबी है” वाले बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्र में हर विषय पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।






