छत्तीसगढ़ किसान सभा ने भूविस्थापितों की मांगों के समाधान के लिए एसईसीएल के गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक को पुनर्वासित गांवों में बुनियादी मानवीय सुविधाएं उपलब्ध कराने भूविस्थापितों को नियमित रोजगार एवं मुआवजा की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था लेकिन भू विस्थापितों की मांगों को लेकर एसईसीएल गंभीर नहीं है भू विस्थापितों की मांगों को लेकर किसान सभा 15 फरवरी को एसईसीएल गेवरा मुख्यालय का घेराव करेगी घेराव को लेकर गांव गांव में बैठक कर घेराव की जा रही है।
छग किसान सभा के कोरबा जिला सचिव प्रशांत झा,जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू ने बताया कि एसईसीएल द्वारा पूर्व में अधिग्रहित गेवरा क्षेत्र के घाटमुड़ा, बरेली, बिंझरा, कोसमंदा और जुनाडीह आदि गांवों के लोगों को अभी तक बुनियादी मानवीय सुविधाओं के साथ बसाहट नहीं दी गई है और न ही यहां के लंबित रोजगार प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इन समस्याओं की ओर कई बार प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया गया है, लेकिन ग्रामीणों की इन समस्याओं के निराकरण के प्रति प्रबंधन गंभीर नहीं है।
उन्होंने बताया कि किसान सभा ने महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंप कर पुनर्वास गांवों में बिजली और पानी की सुविधा निःशुल्क देने तथा सभी प्रभावित छोटे-बड़े खातेदारों को स्थाई नौकरी देने की मांग एसईसीएल प्रबंधन से की थी। ग्राम भठोरा के चौथे चरण 2016-17 से लंबित मकानों एवं अन्य परिसंपत्तियों का मुआवजा तथा पुनर्वास गांव गंगानगर में तोड़े गये मकानों और शौचालयों का क्षतिपूर्ति मुआवजा तत्काल दिये जाने की भी मांग की थी लेकिन प्रबंधन इन मांगों को लेकर गंभीर नहीं है।
किसान सभा नेता ने कहा कि प्रभावित गांव में बैठक कर आंदोलन के लिए एकजुट कर रही है जिसमे बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट रहे हैं ग्रामीणों के पुनर्वास और रोजगार के सवाल पर प्रबंधन सकारात्मक नहीं है 15 फरवरी को एसईसीएल गेवरा मुख्यालय का घेराव किया जायेगा और 2 मार्च को खदान बंदी किया जाएगा।
घेराव को सफल बनाने के लिए जवाहर सिंह कंवर, दीपक साहू,जय कौशिक,रामायण सिंह कंवर, दामोदर, रेशम,पुरषोत्तम गांव गांव में बैठक कर है।











