रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के भनपुरी इलाके में प्रार्थना सभा को लेकर विवाद सामने आया है। एक घर में आयोजित प्रार्थना सभा को लेकर विरोध के बाद पुलिस ने तीन महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। महिलाओं पर कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ टिप्पणी करने और बीमारी ठीक होने का झांसा देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करने के आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
भनपुरी में घर पर आयोजित हो रही थी प्रार्थना सभा
जानकारी के अनुसार, भनपुरी इलाके के एक घर में प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। इसमें अलग-अलग समुदायों की महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में हिंदू महिलाएं भी शामिल हुई थीं। इसी दौरान छत्तीसगढ़ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सभा को लेकर विरोध जताया।
मामले की सूचना पुलिस तक पहुंचने के बाद जांच शुरू की गई। पुलिस ने सभा आयोजित करने वाली महिलाओं के खिलाफ शिकायत के आधार पर कार्रवाई की है।
तीन महिलाओं के खिलाफ दर्ज हुई FIR
पुलिस ने मामले में लक्ष्मी निषाद, सुरेखा और सुषमा कौशिक के खिलाफ खमतराई थाने में एफआईआर दर्ज की है।
आरोप है कि प्रार्थना सभा के दौरान हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई और बीमारी ठीक होने का दावा कर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अब इन आरोपों से जुड़े तथ्यों, सभा के आयोजन और वहां मौजूद लोगों के बयान की जांच कर रही है।
धर्मांतरण के आरोपों पर जांच जारी
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लंबे समय से बहस होती रही है। अब रायपुर के शहरी क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्ष के बाद ही हो सकेगी।











