कोरबा जिले में कोयला चोरी का काम खुलेआम चल रहा है। इसकी जानकारी सभी को है।गेवरा, दीपका और कुसमुंडा क्षेत्र में कोयला चोरों का काफी रौब है। कोयला चोरी की घटनाओं को रोकने साउथ इस्टर्न कोलफिल्घ्डस लिमिटेड एसईसीएल प्रबंधन ने शस्त्र जवानों को तैनात किया है। इसके बावजूद चैनपुर, नरईबोध मलदा रलिया भठौरा हरदीबाजार में चोरी की घटनाओ में अंकुश नहीं लग पा रहा। चोर बिना किसी डर के कोयले को चुरा रहे है। लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है।
एसईसीएल की भूमिगत कोयला खदान से आसपास में रहने वाले 60 से 70 ग्रामीण रोज खदान से कोयला निकालते है। और अवैध कोल माफियाओं को औने पौने दाम में बेचते है। ऐसा नहीं हैं कि मामले की जानकारी एसईसीएल के अधिकारियों सहित पुलिस को ना हो । फिर भी कार्रवाई के नाम पर 2 से 3 टन कोयलों को जप्त किया जाता है। बल्कि कोयला चोर रोज हजारो का माल कोल माफियाओं के बेचते है।
पिछले दिनों कोयलों चोरो ने मीडिया कर्मी सहित एसईसीएल के अधिकारियों पर भी प्राणघातक हमला किया था। जिसपर कार्रवाई क्या हुई यह आज तक पता नहीं चल सका। एसईसीएल के खदान से भारी पैमाने पर कोयले की चोरी प्रतिदिन होती है। लेकिन सुरक्षा का दावा करने वाले अधिकारी सिर्फ आश्वासन तक ही सिमित है।







