
जांजगीर जिले के पिहरीद गांव में बोरवेल में गिरे 10 साल के राहुल को निकालने में कामयाबी नहीं मिल सकी है। सुबह 10 बजे तक बच्चे को बोरवेल में गिरे 65 घंटे हो चुके हैं। रात के वक्त राहुल सो गया था। मूवमेंट नहीं होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बंद करना पड़ा। इस बीच सुबह करीब 5 बजे जब मूवमेंट हुआ तो उसे खाने के लिए फ्रूटी और केले दिए गए। कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि राहुल अभी 10 फीट की दूरी में फंसा हुआ है। चट्टान की वजह से टनल बनाने में दिक्कत आ रही है। कोई भी मशीन लगाने से पहले बच्चे के बारे में सोच कर ही कदम उठाया जा रहा है।
बोरवेल के बगल में रविवार की शाम 50 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा खोदा गया। बोर में रोबोट उतारा गया था। इसके बाद टेट्रा स्ट्रक्चर बनाकर बोर में उतारा गया, लेकिन रोबोट बच्चे को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाया। इसके बाद टनल की खुदाई शुरू की गई, लेकिन बीच में बड़ी चट्टान आ गई। जिसके कारण खुदाई में देरी हो रही है।
बीच में चट्टान की वजह से रेस्क्यू टीम को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। बड़ी ड्रिल मशीन का उपयोग भी नहीं किया जा रहा, क्योंकि इससे आसपास कंपन हो सकती है। बाकी का काम छोटी ड्रिल मशीन और हाथ के खुदाई के जरिए किया जा रहा था, लेकिन छोटी मशीन से भी परेशानी हो रही है। इसलिए बिलासपुर से ऐसी मशीन को बुलाया गया है, जो आकार में थोड़ी छोटी है। अब इसी मशीन से टनल बनाई जा रही है।
राहुल साहू (10) का शुक्रवार दोपहर 2 बजे के बाद से कुछ पता नहीं चला। जब घर के ही कुछ लोग बाड़ी की तरफ गए तो राहुल के रोने की आवाज आ रही थी। गड्ढे के पास जाकर देखने पर पता चला कि आवाज अंदर से आ रही है। बोरवेल का गड्ढा 80 फीट गहरा है। ये भी बताया गया है कि बच्चा मूक-बधिर है, मानसिक रूप से काफी कमजोर है। जिसके कारण वह स्कूल भी नहीं जाता था। घर पर ही रहता था। पूरे गांव के लोग भी 2 दिन से उसी जगह पर टिके हुए हैं, जहां पर बच्चा गिरा है। राहुल अपने मां-बाप का बड़ा बेटा है। उसका छोटा भाई 2 साल छोटा है। पिता की गांव में बर्तन की दुकान है।









