
रायपुर। बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने राज्य सरकार पर साधा निशाना कहा कि जनता के बजाए सत्ता के सरोकार में सरकार लगी है. कांग्रेस में इस वक्त वर्चस्व की लड़ाई चल रही है. दोनों पक्ष कांग्रेस के शीर्ष को साधने में जुटी हुई है. आदिवासी सम्मान, कानून व्यवस्था, सरकार में सामंजस्य सब में सरकार विफल हो रही है. आगामी विधानसभा चुनाव जनता इस सरकार को जवाब देगी.
बीजेपी राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने अविश्वास प्रस्ताव पर कहा कि भले ही संख्या बल के दम पर विश्वास जीत लिया हो, लेकिन यह साफ दिखाई पड़ रहा है कि बाघ और सिंह के बीच में द्वंद भारी पड़ने वाला है. जनता सब देख रही है. दिल्ली में अपनी राजनीतिक संरक्षण के लिए जमुना गमन के लिए लगे हुए हैं. जनता माकूल जवाब देगी.
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश में विशेष पर्यवेक्षक बनकर वहाँ के लोगों से वादा करते हैं कि संविदा के कर्मचारियों को नियमित कर देंगे. मैं ये प्रश्न पूछता हूं, यहां तो सत्ता आपके हाथ में है, पर यहां क्यों नहीं कर रहे हैं. करनी और कथनी में अंतर है. कांग्रेस पार्टी के लिए यही सबसे बड़ी विश्वसनीयता का संकट है. जहां की सत्ता है. वहां आप नहीं कर पा रहे.
छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था पर डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि दिन-प्रतिदिन कानून व्यवस्था बिगड़ते जा रही है. कवर्धा में जब कानून व्यवस्था की स्थिति बेहाल थी, तब सरकार दिल्ली में डेरा डालकर बैठी थी. अपने पार्टी के एक नेता के लिए सरकार दिल्ली में बैठी रहती है. चुनाव के समय बेरोजगारी भत्ता का वादा किया था, जो नहीं दिया गया. गरीबों को आवास उपलब्ध कराने में सरकार फिसड्डी साबित हुई, राज्य सरकार मोदीजी के प्रति ईष्या के भाव से काम कर रही है.
मोदी ने आठ साल में अर्थव्यवस्था आठ गुना बढ़ाया
जैविक अर्थव्यवस्था पर बोले कि 2014 के बाद से भारी अंतर आया है. 8 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 गुना अर्थव्यवस्था को बढ़ाया है, और 2030 तक 300 बिलियन, 30 गुना करने का लक्ष्य रखे हुए हैं. छत्तीसगढ़ राज्य जहां ऑर्गेनिक का लाभ मिल सकता है, वहां अगर प्रधानमंत्री के इस विजन को लागू करते हैं तो छत्तीसगढ़ की जनता को जरूर ही लाभ मिलेगा. परंतु लाभ के लिए विश्वास होना जरूरी है.
केरल के गुनाहों के लिए भी मांगे माफी
गोमूत्र खरीदी पर डॉ सुधांशु त्रिवेदी ने सरकार को बधाई देते हुए कहा कि यह भी देखना है कि जिस प्रकार से किसानों से लिया जा रहा है, और जिस प्रकार से किसानों को दिया जा रहा है. छत्तीसगढ़ की जनता देख रही है कि किसान और जनकल्याण का विषय कम और लाभ का उपयोग अधिक दिखाई पड़ रहा है. गौमाता से मिलने वाला गौमूत्र, गोबर और दूध की सार्थकता छत्तीसगढ़ राज्य के लिए बहुत उपयोगी है, पर उपयोगिता के साथ-साथ अपने उन गुनाहों के लिए भी माफी मांग लेनी चाहिए, जो केरल में विपक्ष के लोग गौमाता पर दुराचार कर रहे हैं.
छत्तीसगढ़ सरकार संवैधानिक दायित्व नहीं निभा रही
हर घर तिरंगा अभियान पर डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव वर्ष मनाया जा रहा है, आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनी है यह सुखद संयोग है, दिल्ली में कांग्रेस के द्वारा विष उगला जा रहा है. छत्तीसगढ़ की सरकार संवैधानिक दायित्व नहीं निभा रही है. छत्तीसगढ़ में 3 वर्ष में 67 फीसदी आदिवासी महिलाएं रोगग्रस्त की कगार पर हैं.
छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में परंतु ऐसा दिखाई पड़ रहा है कि यहां की सरकार भी अपने संवैधानिक दायित्व को का निर्वहन ना करते हुए जो अवमानना दिल्ली में दिखाई पड़ रही है, वैसी ही छत्तीसगढ़ में भी नजर आ रही है.










