बालको की मनमानी के।खिलाफ बालको निवासी शहजाद अहमद खान ने कलेक्टर को पत्र लिखा। शहजाद ने बयार की बालको प्रबंधन द्वारा राखड डैम की ऊंचाई दिन प्रतिदिन बढ़ाई जा रही है जिससे स्थानीय लोगो के ऊपर खतरा मंडरा रहा है । प्रत्येक फ्लोर का निर्माण निम्न स्तरीय गुणवत्ता के साथ किया गया है उसमें ना तो किसी प्रकार की मजबूती है ना ही उच्च दबाव सहने की शक्ति है।डैम को पूर्ण रूप से सिर्फ और सिर्फ राखड़ के बांध बनाकर उसके ऊपर कुछ अंश मिट्टी के डाल दिए गए हैं एवं इसी प्रकार से डैम के एक के बाद एक सतह का निर्माण किया गया हैजिससे कि वह डैम बीच-बीच में कई बार टूटता रहा है एवं स्थानीय जनजीवन को प्रभावित करता रहा है।परंतु आज यथास्थिति ऐसी है कि डैम की ऊंचाई आवश्यकता से बहुत अधिक हो चुकी है तथा समीप स्थित गांव एवं नगर उस डैम के पहली तल के बराबर भी नहीं इस स्थिति में आसपास निवासरत समस्त जन-जीवन बारिश के मौसम में उच्च दबाव पड़ने से पूर्ण रूप से समाप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी है।