Friday, April 3, 2026

भारत के खिलाफ आतंकियों का रीडिप्लॉयमेंट हो सकता है; कश्मीर भेजे जा सकते हैं लश्कर और जैश के आतंकी

अफगानिस्तान से अमेरिकी सेनाओं की वापसी जारी है। इसके साथ ही तालिबान देश के ज्यादातर हिस्सों पर कब्जा जमा रहा है। तालिबान के बढ़ते दखल ने भारत के लिए चिंता खड़ी कर दी है। साउथ एशिया सिक्योरिटी के रीजनल एक्सपर्ट ओलिवियर गिलार्ड का कहना है कि भारत के खिलाफ पाकिस्तानी आतंकी संगठनों का रीडिप्लॉयमेंट हो सकता है।

इनमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद शामिल हैंगिलार्ड ने बताया कि अगस्त 2019 से कश्मीर घाटी में हिंसा में काफी कमी आई है। यहां राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए भारत सरकार लगातार कोशिशें भी कर रही हैं। आतंकियों की सक्रियता से आने वाले समय में कश्मीर में शांति और विकास के लिए भारत की कोशिशों को धक्का लगेगा।

गिलार्ड का सुझाव है कि भारत को कश्मीरियों का भरोसा जीतने के लिए धैर्य रखना होगा। वहीं, पाकिस्तान के अधिकारियों के साथ संबंधों में सतर्कता और दृढ़ता लानी होगी। इधर, अमेरिका ने पाकिस्तान से कहा है कि वो अफगानिस्तान में शांति बहाली में अपना रोल निभाए, क्योंकि वहां गृहयुद्ध होना उसके हित में नहीं होगा। अमेरिका के मुताबिक, इमरान खान सरकार तालिबान को शांति वार्ता में गंभीरता से शामिल होने के लिए मनाने में नाकाम रही है।