धमतरी — छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नवागांव-कंडेल में शनिवार को धर्मांतरण के मुद्दे ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार को लेकर ग्रामीण और परिजन आमने-सामने आ गए। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद गांव में स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके चलते पुलिस को भारी बल तैनात करना पड़ा।
घर में दफनाने की जिद और ग्रामीणों का विरोध
मामला नवागांव-कंडेल का है, जहाँ 85 वर्षीय बुधाबाई साहू का शनिवार को निधन हो गया। मृतका के परिजनों का कहना था कि वे शव को गांव में ही दफन करना चाहते हैं। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने इसका कड़ा विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप था कि महिला का बेटा और परिवार पिछले कुछ वर्षों से दूसरे धर्म (ईसाई) को अपना चुके थे, इसलिए उन्हें गांव की परंपराओं के विरुद्ध अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दी जा सकती।
पुलिस की मौजूदगी में घंटों चला हंगामा
सूचना मिलते ही अर्जुनी थाना प्रभारी राजेश जगत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से माहौल काफी गरमा गया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे कि गांव की सीमा के भीतर मतांतरित व्यक्ति का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया जाएगा।
धमतरी के कब्रिस्तान में हुआ अंतिम संस्कार
घंटों चली खींचतान और हंगामे के बाद प्रशासन ने बीच का रास्ता निकाला। मृतका के शव को धमतरी शहर स्थित कब्रिस्तान ले जाया गया, जहाँ पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान गांव और कब्रिस्तान के आसपास एहतियातन पुलिस बल तैनात रहा ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।









