छत्तीसगढ़ में शराब बैन होगी या नहीं, ये तो भविष्य के गर्त में है, पर सरकारी कर्मचारी जरूर नशे में धुत हैं। शराब उनके सिर चढ़कर बोल रही है। नया मामला महासमुंद में सामने आया है। यहां एक पंचायत सचिव रोज ही शराब पीकर दफ्तर पहुंच जाता। जनप्रतिनिधि और ग्रामीण पहुंचते तो उन्हें गालियां देता। लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। परेशान होकर लोग कलेक्टर के पास पहुंचे। जिसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया है।
ग्रामीणों और पंचों का आरोप है कि पंचायत सचिव बीरेंद्र जनपद पंचायत की बैठक में अनुपस्थित रहता है। कोई उसे बुलाने जाता है तो नशे की हालत में गालियां देता है। उसकी गोधन न्याय योजना में भी कोई रुचि नहीं है। सामाजिक सहायता योजना के कार्यों में भी लापरवाही बरतने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इससे परेशान होकर ग्रामीणों ने महीने भर पहले जनपद पंचायत और जिला पंचायत में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।











