
काेरबा मेडिकल काॅलेज खाेलने के लिए भेजे गए आवेदन के अस्वीकार हाेने के बाद मेडिकल काॅलेज प्रबंधन की ओर से पुनः आवेदन भेजा गया था। जिसे नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की स्वीकृति मिल गई है। काेरबा के साथ ही प्रदेश के तीनाें नए मेडिकल काॅलेज काे अब आगे की प्रक्रिया के लिए एनएमसी ने स्टाफ समेत अन्य तैयारी की जानकारी मांगी है।
काेरबा मेडिकल काॅलेज प्रबंधन ने अब स्टाफ के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग से संपर्क कर स्टाफ उपलब्ध कराने को कहा जा रहा है। क्योंकि, अब समय बहुत कम है। बुधवार तक जानकारी भेजनी है। स्टाफ की जानकारी के आधार पर एनएमसी की टीम काॅलेज की मान्यता के लिए निरीक्षण करने पहुंचेगी। इस तरह काेरबा में शुरू हाेने वाले मेडिकल काॅलेज ने पहला पड़ाव पार कर लिया है। अस्पताल संचालन के लिए भले ही स्टाफ है, लेकिन अब तक काॅलेज संचालन के लिए शासन से प्रर्याप्त स्टाफ नहीं मिला है। बुधवार तक स्टाफ की स्थिति साफ नहीं हाेगी ताे मेडिकल काॅलेज के लिए अगला पड़ाव पार करना मुश्किल होगा।
काेरबा मेडिकल काॅलेज के संचालन के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से सालभर पहले मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) काे आवेदन भेजा गया था। लेकिन, केंद्र की ओर से एमसीआई काे भंग करके उसके स्थान पर नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) का गठन कर दिया गया। जिस कारण एमसीआई काे भेजा गया आवेदन स्वयं रद्द हाे गया। इसके बाद दाेबारा एनएमसी काे आवेदन भेजा गया था। काेरबा के साथ ही प्रदेश के तीनाें नए मेडिकल काॅलेज के लिए जीएसटी नहीं पटाने और प्रर्याप्त बेड नहीं हाेने का हवाला देते हुए यह आवेदन भी अस्वीकार कर दिया गया था। जिसके बाद तीसरी बार आवेदन भेजा गया। जिसे स्वीकार कर लिया गया। हालांकि, दूसरी बार के आवेदन में इस तरह की त्रुटि नहीं थी।
काेरबा मेडिकल काॅलेज के डीन डाॅ. वाईडी बड़गैय्या के मुताबिक एनएमसी ने काॅलेज खाेलने के लिए भेजे गए आवेदन काे अप्रूव कर लिया है। अगले फेस में स्टाफ की जानकारी मंगाई गई है। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग से संपर्क किया जा रहा है। जानकारी तैयार कर निर्धारित समय तक एनएमसी काे भेज दी जाएगी। जिसके बाद कमीशन की टीम निरीक्षण के लिए पहुंचेगी।









