रायपुर — छत्तीसगढ़ की राजधानी में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में आज एक बड़ा फैसला लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक का सबसे प्रमुख एजेंडा ‘रायपुर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली’ को अंतिम मंजूरी देना है।
नवा रायपुर तक फैलेगा पुलिस कमिश्नरी का दायरा
सूत्रों के मुताबिक, साय कैबिनेट में कमिश्नरी प्रणाली की प्रशासनिक सीमाओं और अधिकार क्षेत्र के निर्धारण पर विस्तृत चर्चा होगी। सरकार की योजना है कि पुराने रायपुर के साथ-साथ तेजी से विकसित हो रहे नवा रायपुर को भी इस सिस्टम के तहत लाया जाए। इससे पूरे महानगरीय क्षेत्र में पुलिसिंग की एक समान और प्रभावी व्यवस्था लागू हो सकेगी।
मजिस्ट्रेटी शक्तियों से लैस होगी पुलिस
पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद रायपुर पुलिस के पास त्वरित निर्णय लेने की अधिक शक्ति होगी। इस व्यवस्था के तहत:
- पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) को मजिस्ट्रेटी शक्तियां प्राप्त होंगी।
- धारा 144 लागू करने, लाठीचार्ज या भीड़ नियंत्रण जैसे फैसलों के लिए अब कलेक्टर की अनुमति का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
- कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस सीधे और तत्काल कार्रवाई कर सकेगी।
“राजधानी में बढ़ते शहरीकरण और जनसंख्या के दबाव को देखते हुए पुलिस कमिश्नरी सिस्टम समय की मांग है। इससे पुलिस न केवल अधिक जवाबदेह होगी, बल्कि अपराधों पर लगाम लगाने में भी सक्षम होगी।”
— प्रशासनिक सूत्र
राज्यपाल के अभिभाषण पर भी होगी चर्चा
कैबिनेट की इस बैठक में आगामी 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के अवसर पर राज्यपाल द्वारा दिए जाने वाले अभिभाषण के प्रारूप को भी स्वीकृत किया जाएगा। इस अभिभाषण में राज्य की साय सरकार अपनी उपलब्धियों, नई योजनाओं और विकास के रोडमैप को जनता के सामने रखेगी।









