Saturday, July 25, 2026

रेप केस दर्ज कराने वाली युवती ने जेल में रचाई आरोपी से शादी, कोर्ट के आदेश पर हुई अनोखी शादी

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है। जिस युवक के खिलाफ एक युवती ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था, उसी युवक के साथ उसने कोर्ट के आदेश पर जगदलपुर सेंट्रल जेल में सात फेरे लेकर शादी कर ली। दोनों लंबे समय से एक-दूसरे से प्रेम करते थे, लेकिन पारिवारिक सहमति नहीं मिलने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया था।

प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी, FIR तक पहुंचा मामला

जानकारी के अनुसार, परपा थाना क्षेत्र के राजूर गांव के रहने वाले युवक और युवती के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन युवक के परिजनों ने इस रिश्ते से इनकार कर दिया।

इसके बाद युवती ने युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया। मामला अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अधिनियम से भी जुड़ा होने के कारण युवक की गिरफ्तारी हुई और वह पिछले करीब सात महीने से जेल में बंद है।

जेल में भी जारी रहा दोनों का संपर्क

युवक के जेल जाने के बाद भी युवती उससे मिलने के लिए नियमित रूप से जेल पहुंचती रही। इस दौरान दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाने और शादी करने का फैसला लिया।

युवती ने अपने अधिवक्ता की मदद से न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को विवाह की अनुमति दे दी।

कोर्ट के आदेश पर जेल परिसर में बना मंडप

न्यायालय के निर्देश के बाद जगदलपुर सेंट्रल जेल प्रशासन ने जेल परिसर में विवाह की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कीं। जेल में मंडप सजाया गया और अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों तथा दोनों पक्षों के परिजनों की मौजूदगी में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दोनों ने सात फेरे लेकर विवाह किया।

शादी के बाद फिर जेल लौटा युवक

विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद युवक को दोबारा जेल बैरक में भेज दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, विवाह होने से उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले स्वतः समाप्त नहीं होते। मामले में न्यायालय की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक आदेश मिलने के बाद ही उसकी रिहाई पर निर्णय होगा।

कानूनी प्रक्रिया रहेगी जारी

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में कानून के अनुसार सुनवाई जारी रहेगी। शादी होने का प्रभाव मुकदमे की कानूनी स्थिति पर क्या पड़ेगा, इसका फैसला संबंधित न्यायालय उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर करेगा।