knn24news/ छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में कोरोना की वजह से दो नक्सलियों ने हथियार छोड़कर आम जिंदगी बिताने का फैसला किया। ये दोनों बीमार थे, जांच करने पर कोविड संक्रमित पाए गए। अब इन नक्सल पति-पत्नी का इलाज पुलिस के जरिए सरकार करवा रही है। सूत्रों की मानें तो छत्तीसगढ़ के जंगलों में दर्जनों नक्सली कोरोना संक्रमित हैं। ऐसे में अब उनके पास दो ही विकल्प हैं या तो बीमारी से जूझते रहें या फिर सरेंडर करके इलाज हासिल करें और आम जिंदगी बिताएं। उत्तर बस्तर माओवादी संगठन के नक्सली अर्जुन ताती और इसकी पत्नी लक्ष्मी पद्दा ने जिंदगी का साथ देने का फैसला किया तो हथियार और खूंखार नक्सलियों को अलविदा कहकर पुलिस के पास आ गए।
जंगल से खुद को बचाकर पहुंचे BSF कैम्प
खबर मिली है कि जंगल में नक्सली कमांडर अपने लोगों में किसी भी सूरत में सरेंडर न करने का दबाव बना रहे हैं। मगर कोरोना की वजह से नक्सलियों की हालत पस्त है। अर्जुन और लक्ष्मी की तबीयत भी कुछ दिनों से ठीक नहीं थी। दोनों ने पुलिस की मदद से इलाज करवाने की ठानी और सरेंडर करने का फैसला लिया। ये बात अगर इनके कमांडर को पता चलती तो शायद इनकी जान को भी खतरा हो सकता था। इसलिए छिपते हुए ये नक्सलियों का साथ छोड़कर निकल पड़े।









