Friday, July 24, 2026

आवारा कुत्तों और मवेशियों पर हाईकोर्ट सख्त, जनता की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार को दिए अहम निर्देश

बिलासपुर, 24 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों, रेबीज के खतरे और राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा सीधे आम जनता की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है, इसलिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी की भी आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने पेश किया शपथपत्र

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ के समक्ष राज्य के मुख्य सचिव ने शपथपत्र प्रस्तुत कर बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं।

शपथपत्र में आवारा कुत्तों और मवेशियों के प्रबंधन, रेबीज नियंत्रण और जनसुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी गई।

हाईकोर्ट ने जताया संतोष, लेकिन निगरानी पर दिया जोर

राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर संतोष व्यक्त करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला आम नागरिकों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा है।

खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि केवल योजनाएं तैयार करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के सभी जिलों में इन योजनाओं की नियमित निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि आवारा पशुओं और कुत्तों से होने वाली दुर्घटनाओं और हमलों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।