कोरबा। एनटीपीसी के धनरास राखड़ डैम से उड़ने वाली राख ने कोरबा जिले के ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। इस गंभीर समस्या से परेशान होकर ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए मुख्य मार्ग पर बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में हैं।
गर्मी के इस भीषण मौसम में भी ग्रामीणों को छांव की जगह राख और धूल का सामना करना पड़ रहा है। धनरास के ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही हवा चलती है, उनके घरों की छत, आंगन और पानी के बर्तन तक राख की मोटी परत से ढक जाते हैं। सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खिचखिच अब आम समस्या बन गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार एनटीपीसी प्रबंधन से राख की समस्या का समाधान करने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन और अधिकारी एसी कमरों में बैठकर आराम कर रहे हैं, जबकि ग्रामीणों की जिंदगी जहरीली राख के बीच गुजर रही है।
ये गांव हैं राखड़ से सबसे ज्यादा प्रभावित:
धनरास राखड़ डैम से निकलने वाली जहरीली राख से धनरास, जाटांगपुर, छूरीखुर्द, गंगपुर, झोरा, सलोरा, बिशनपुर, बरेड़ीमुड़ा, चोरभट्टी और नवागांव कला जैसे करीब दर्जनभर गांव प्रभावित हैं। इन गांवों में राख की झड़ी से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं और ग्रामीणों को हर रोज नई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।









