Monday, May 18, 2026

छत्तीसगढ़ में डीजल-पेट्रोल संकट का असर : 102 महतारी एक्सप्रेस और 1099 मुक्तांजली सेवा प्रभावित

कोरबा. Chhattisgarh में डीजल और पेट्रोल की कमी अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर डालने लगी है। ईंधन संकट के कारण 102 महतारी एक्सप्रेस और 1099 मुक्तांजली एंबुलेंस सेवाओं के संचालन में गंभीर बाधाएं सामने आ रही हैं। इस संबंध में Community Action Through Motivation Program Camp (कैम्प) ने स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय, नवा रायपुर को पत्र लिखकर सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की है।

संस्था ने अपने पत्र में बताया कि उनकी फर्म प्रदेशभर में 102 महतारी एक्सप्रेस और 1099 मुक्तांजली निशुल्क एंबुलेंस सेवा का संचालन कर रही है। वर्तमान में Dantewada, Bijapur, Narayanpur और Koriya सहित कई जिलों में डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित होने से एंबुलेंस संचालन में दिक्कतें बढ़ गई हैं।

बताया गया है कि कई पेट्रोल पंप संचालक सीमित मात्रा में ही डीजल दे रहे हैं, जबकि कई जगह ईंधन उपलब्ध नहीं होने से एंबुलेंस वाहनों को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। Korba में भी कंपनी ने स्वास्थ्य विभाग और कलेक्टर को पत्र भेजकर समस्या के समाधान की मांग की है।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जीवनरेखा हैं 102 और 1099 सेवाएं

पत्र में कहा गया है कि 102 महतारी एक्सप्रेस सेवा गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं 1099 मुक्तांजली सेवा मृत व्यक्तियों के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुंचाने का कार्य करती है। ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में ये सेवाएं लोगों के लिए जीवनरेखा मानी जाती हैं।

ईंधन संकट से बढ़ा रिस्पॉन्स टाइम

डीजल-पेट्रोल की कमी के कारण एंबुलेंस सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम बढ़ गया है, जिससे मरीजों और जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता नहीं मिल पा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

आम लोग भी हो रहे परेशान

प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कमी का असर आम नागरिकों पर भी दिखाई दे रहा है। कोरबा से रायगढ़ गए एक परिवार को वापसी के दौरान Shakti क्षेत्र में कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिला। काफी मशक्कत के बाद एक पंप से पेट्रोल मिलने पर वे कोरबा लौट सके।

लोगों ने सरकार और प्रशासन से जल्द ईंधन आपूर्ति सामान्य कराने की मांग की है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं और आम जनजीवन पर पड़ रहे असर को रोका जा सके।