रायपुर। राज्य सरकार ने अचल संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण को पारदर्शी, वैज्ञानिक और एकरूप बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 20 नवंबर 2025 से पूरे प्रदेश में नई गाइडलाइन दरें लागू कर दी गई हैं। यह संशोधन पिछले 7–8 वर्षों से लंबित था, जिसके कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन मूल्य में भारी असमानता बनी हुई थी।
महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक कार्यालय द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि नई दरों से संपत्ति का मूल्यांकन अधिक सटीक और स्पष्ट होगा, जिससे किसानों और आम नागरिकों को उनकी संपत्ति का वास्तविक मूल्य मिल सकेगा।
शहरी क्षेत्रों में असमान दरों को किया गया खत्म
शहरी इलाकों में अब तक एक ही मार्ग पर स्थित भूखंडों को अलग-अलग दरों में विभाजित कर रखा था, जिससे आम जनता में भ्रम और पंजीयन प्रक्रिया में जटिलता बढ़ रही थी।







