एग्जिट पोल के नतीजों के उलट कांग्रेस अपने इंटरनल सर्वे के आधार पर पंजाब, उत्तराखंड और गोवा में सरकार बनाने के लिए एक्टिव हो गई है। सर्वे में दावा किया गया है कि इन तीनों ही राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है।
इसके साथ ही पार्टी ने पिछले अनुभवों के आधार पर अपने विधायकों को किसी भी तरह दूसरे पाले में जाने से बचाने की कवायद भी तेज कर दी है। इसके लिए छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल को उत्तराखंड, अजय माकन को पंजाब और कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार को गोवा में विधायकों को संभालने का जिम्मा सौंपा गया है। प्लानिंग तो यहां तक है कि जरूरत पड़े तो विधायकों को एयरलिफ्ट करके हॉर्स ट्रेडिंग से बचा लिया जाए। देश के इतिहास में ये पहली बार है, जब तोड़फोड़ से बचने के लिए कोई पार्टी विधायकों को एयरलिफ्ट कर रही है। हालांकि, इससे पहले 2020 में भोपाल से 26 कांग्रेस विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कर्नाटक एयरलिफ्ट कराए गए थे, लेकिन तब उन्हें कांग्रेस से तोड़ने के लिए ले जाया गया था।
पार्टी के इंटरनल सर्वे में उत्तराखंड में कांग्रेस को 35 से 40 सीटें मिलने का अनुमान है। ऐसे में जीती बाजी हाथ से निकल न जाए, इसके लिए छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल को उत्तराखंड का मोर्चा संभालने का जिम्मा दिया गया है।
विधायकों को अपने पाले में रखने के लिए हर तरकीब अपनाई जा रही है। कुमाऊं और गढ़वाल के सुदूर इलाकों से जीतने वाले विधायकों को सड़क मार्ग से देहरादून पहुंचने में कई घंटे लग सकते हैं। ऐसे में उन्हें हेलिकॉप्टर से भी देहरादून लाने का प्लान तैयार है।











