Monday, May 11, 2026

प्रशासन के सामने खुला उदयपुर पैलेस का ताला:स्व. देवव्रत सिंह के बच्चों के समर्थन में पहुंचे कई गांव के लोग, गैस कटर से खोला गया महल का ताला

खैरागढ़ रियासत के राजा देवव्रत सिंह की गत 4 नवंबर को मौत के बाद से बंद उदयपुर पैलेस का ताला गुरुवार शाम 4.53 बदे खोला गया है। ताला खोलने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी गुरुवार सुबह से पहुंचे हुए थे। राजा देवव्रत सिंह इसी महल में रहते थे और उनकी मृत्यु के बाद उठे पारिवारिक विवाद को देखते हुए जिला प्रशासन ने महल में सरकारी ताला लगा दिया था। जिला प्रशासन ने इस ताला को 30 दिसंबर को खोलने की जानकारी दी थी। इस पर रानी विभा सिंह ने अपनी बेटी के इलाज का हवाला देकर कलेक्टर से ताला न खोलने जाने का अनुरोध किया था। जिला प्रशासन ने उनके अनुरोध को न मानते हुए गुरुवार को महल का ताला खोल रहा है। इस दौरान ताले की चाबी न मिलने से उसे खोलने के लिए गैस कटर भी मंगवाया गया है। इस दौरान महल में स्व. देवव्रत सिंह के बेटे राजा आर्यव्रत सिंह और बेटी शताक्षी सिंह सहित उनकी बुआ व परिवार के अन्य सदस्यों सहित रानी विभा भी मौजूद हैं।

इससे पहले भी मंगलवार को स्व. देवव्रत सिंह के समर्थकों ने खैरागढ़ स्थित कमल पैलेस का घेराव कर रानी विभाग सिंह के खिलाफ हल्ला बोला था। रियासत के वफादारों और रानी के बीच उभरे इस विवाद को शांत करने के लिए जिला प्रशासन ने लाख कोशिश की, लेकिन मामला बढ़ता जा रहा है। लोगों के बढ़ते आक्रोष को देखते हुए ही जिला प्रशासन रानी विभा सिंह के मना करने के बाद भी गुरुवार को उदयपुर पैलेस का ताला खोलने की तैयारी कर रहा है। पैलेस का ताला न खोलने जाने को लेकर रानी विभा सिंह अपने वकील को लेकर पहुंची हुई हैं तो वहीं दूसरे पक्ष से रानी पद्मा सिंह के बच्चों ने भी अपना वकील खड़ा किया है। अधिवक्ता दोनों पक्षों में उभरे विवाद को पारिवारिक बताते हुए जिला प्रशासन को दखल न देने की बात कह रहे हैं। वहीं रियासत के अलगअलग गांव से पहुंचे हजारों की संख्या में लोगों का कहना है कि राजतिलक के बाद उनका राजा अब आर्यव्रत सिहं हैं। यिद जिला प्रशासन महल का ताला नहीं खोलता है तो वह खुद ही ताला खोल देंगे और राजा आर्यव्रत को महल के अंदर ले जाएंगे।

विभा सिंह बच्चों को बरगलाने की कर रहीं बात

रानी विभा सिंह का कहना है कि आर्यव्रत और शताक्षी सिंह अभी छोटे हैं। राजा देवव्रत सिंह की मौत के बाद उनकी कस्टडी उनके अधिकार क्षेत्र में आ गई है। वह जो कर रही हैं उनकी भलाई और सुरक्षा को लेकर कर रही हैं। अभी दोनों बच्चों की लिखने पढ़ने की उम्र हैं। वह अपनी मां और राजा की पहली पत्नी पद्मा सिंह के बहकावे में आकर ऐसा कर रहे हैं। जबकि पहली पत्नी का इस रियासत पर कई हक नहीं है।

बच्चों ने लगाई थी न्याय की गुहार

दिवंगत विधायक व राजा स्व. देवव्रत सिंह और उनकी दूसरी पत्नी विभा सिंह के साथ पैत्रक गहने, नगदी और जबरन कमल विलास पैलेस में कब्जा करने जैसे आडियों वायरल शोसल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। इसके बाद सोमवार को स्व. देवव्रत सिंह के बेटे आर्यव्रत सिंह और बेटी शताक्षी सिंह ने मीडिया के सामने विभा सिंह द्वारा उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। बच्चों द्वारा लोगों से न्याय और मदद की गुहार लगाने के बाद राजा के समर्थकों में खासा रोष व्याप्त है। इसी मुद्दे को लेकर राजपरिवार के सदस्यों और उनके समर्थकों ने कमल विलास पैलेस के सामने जमकर हंगामा किया।