Saturday, May 30, 2026

भीषण गर्मी में चमगादड़ों की मौत, वाड्रफनगर में प्रशासन ने शुरू किया राहत और जांच अभियान

बलरामपुर। Chhattisgarh के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में भीषण गर्मी के कारण चमगादड़ों की लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन और वन विभाग को सतर्क कर दिया है। पुलिस चौकी के पास स्थित पेड़ों पर रहने वाले हजारों चमगादड़ों की मौत की घटनाएं सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच के बाद अधिकारियों ने पेड़ों पर पानी का छिड़काव कराया ताकि बढ़ते तापमान से चमगादड़ों को कुछ राहत मिल सके। इसके साथ ही मृत चमगादड़ों को एकत्र कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से पेड़ों के नीचे बड़ी संख्या में मृत चमगादड़ मिलने लगे थे, जिससे इलाके में दुर्गंध फैल गई और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मृत जानवरों के सुरक्षित निष्पादन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।पशु चिकित्सक कमला आयाम ने बताया कि क्षेत्र में तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो चमगादड़ों के लिए अत्यधिक खतरनाक माना जाता है। उन्होंने कहा कि चमगादड़ों के लिए लगभग 39 डिग्री सेल्सियस को “टिपिंग पॉइंट” माना जाता है, जिसके ऊपर उनका शरीर तापमान नियंत्रण तंत्र काम करना बंद कर देता है। इस स्थिति में उनका “थर्मो-नेगेटिव” या हेटराथर्मिक सिस्टम प्रभावित हो जाता है, जिससे वे पेड़ों से गिरने लगते हैं और हाइपरथर्मिया के कारण उनके अंग निष्क्रिय होकर मृत्यु हो जाती है।

वन विभाग ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सकेगी। साथ ही विशेषज्ञों की टीम यह भी जांच कर रही है कि क्या यह घटना केवल तापमान वृद्धि के कारण है या इसके पीछे कोई अन्य पर्यावरणीय कारण भी जिम्मेदार हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मृत चमगादड़ों के संपर्क में न आएं और किसी भी प्रकार की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें। वहीं, क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।