Monday, May 11, 2026

हमर अस्पताल में दवा घोटाले का आरोप: एक्सपायरी के कगार पर करोड़ों की दवाएं, मरीज परेशान

Raipur। राजधानी के सरकारी अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई और भंडारण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Vikas Upadhyay ने हमर अस्पताल गुढ़ियारी में दवाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।

पूर्व विधायक का दावा है कि अस्पताल में करोड़ों रुपए की दवाएं डंप कर रखी गई हैं, जबकि मरीजों को समय पर जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि कई दवाएं एक्सपायरी के बेहद करीब हैं और कुछ कथित तौर पर एक्सपायर होने के बाद भी परिसर में पड़ी हुई हैं, जो मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ है।

उपाध्याय ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया के जरिए ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए जिन दवाओं की मांग नहीं है, उनकी अधिक सप्लाई की जा रही है, जबकि जरूरी दवाओं की कमी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि BP, शुगर, गर्भावस्था और नवजात शिशुओं से जुड़ी महत्वपूर्ण दवाएं भी एक्सपायरी के कगार पर हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मरीजों को ऐसी दवाएं दी जा रही हैं, जिनकी एक्सपायरी इसी महीने होने वाली है। नियम के मुताबिक, दवाओं को एक्सपायरी से 6 महीने पहले वापस भेजना होता है, लेकिन यहां इसका पालन नहीं हो रहा।

जानकारी के अनुसार, एंटासिड (अगस्त 2026), सांस की बीमारी की दवा इथोफायलीन-थियोफाईलीन (जून 2026), बीसीजी वैक्सीन (अगस्त 2026), लेबेटाल टैबलेट (जून 2026), प्रेगनेंसी टेस्ट किट (मई 2026) और आयरन-फोलिक एसिड (मई 2026) सहित कई दवाएं एक्सपायरी के करीब हैं।

वहीं, इनालाप्रिल, ईजी पिल (गर्भनिरोधक), सेट्रीजीन सिरप सहित दर्जनों दवाओं के एक्सपायर होने की भी बात सामने आई है।
मामले में उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व सप्लायरों पर कार्रवाई की मांग की गई है।