Monday, September 28, 2026

कारोबारी को लूटने वाले 11 गिरफ्तार:लुटेरे बोले- हमने तो सिर्फ 20 लाख ही लूटे, व्यापारी ने FIR में लिखवाए 50 लाख

रायपुर की पुलिस ने अनाज कारोबारी को लूटने वाले बदमाशों को पकड़ लिया। ये बदमाश माना और आस-पास के इलाकों में छुपे हुए थे। लूट गैंग के 11 लोगों को पकड़ा गया है। इसमें से 3 अब भी फरार हैं। इस कांड में शामिल युवकों के पास से लूट की रकम करीब 8 लाख रुपए, कारोबारी को पीटने में इस्तेमाल स्टम्प, डंडे, वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और बाइक्स को भी पुलिस ने जप्त किया है।

शनिवार को ग्रामीण एसपी कीर्तन राठौर ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि इस केस में 11 लोगों को पकड़ा गया है। इसमें 2 नाबालिग भी शामिल हैं। घटना को अंजाम देने में तीन और बदमाशों को हाथ था वो फरार हैं। गिरफ्तार हुए लड़कों के पास से कैश मिला है। कुछ रकम इन बदमाशों ने अपने लेनदारों को बांट दी। गिरफ्तार हुए आरोपियों ने कहा है कि उन्होंने 15 से 20 लाख की रकम लूटी। व्यापारी ने FIR 50 लाख की लूट बताई है। अब बाकि फरार आरोपियों के गिरफ्त में आते ही कैश को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

मजदूरों ने गैंग बनाकर लूटा
जांच के दौरान टीम को डूमरतराई थोक बाजार में काम करने वाले देवेन्द्र धृतलहरे और अजय उर्फ अज्जू के बारे में पता चला। टीम को पता लगा कि ये लोग गायब हैं और आपराधिक आदतों वाले भी । डूमरतराई में ही लूट के शिकार हुए कारोबारी नरेंद्र खेतपाल की दुकान है। जांच टीम ने देवेन्द्र धृतलहरे और अजय उर्फ अज्जू को ढूंढना शुरू किया। इस बीच पुलिस को अभनपुर के केन्द्री में रहने वाले शिव कुमार कोसले के बारे में पता चला। ये बात पुख्ता हुई कि ये भी इस कांड में शामिल है।

पुलिस ने शिव को अभनपुर जाकर पकड़ा। शिव ने बताया कि पूरी घटना के मास्टर माइंड देवेन्द्र धृतलहरे और अजय उर्फ अज्जू हैं। ये दोनों जानते थे कि कारोबारी नरेंद्र अक्सर अपनी दुकान बंद करने के बाद कैश लेकर घर जाता है। घटना के 10 दिन पहले दोनों ने शिव से संपर्क किया और शुरू हुई प्लानिंग।

जंगल में बनाया लूट कांड का प्लान
शिव ने पुलिस को बताया कि माना तूता रोड़ के पास जंगल में सभी की मुलाकात होती थी। सब यहीं बैठकर लूट की वारदात को कैसे अंजाम देना है। इसकी प्लानिंग करते थे। सभी को रुपयों को की जरूरत थी। इसलिए सभी इस कांड को अंजाम देने में शामिल हो गए। शिव ने ही अपने इलाके के बाकी लड़कों को इस वारदात को अंजाम देने के लिए राजी किया।

घटना के बाद सभी अलग-अलग फरार हो गए। वारदात के दो दिन बाद आरोपी देवेन्द्र धृतलहरे, अजय उर्फ अज्जू और शिव कुमार कोसले ने लूट की रकम आपस में बांट ली थी। कैश बैग में इन बदमाशों को कारोबारी का ए.टी.एम. कार्ड एवं बैंक पास बुक भी मिला। शिव कुमार कोसले अपने साथी शशिकांत और बनवारी के साथ एटीएम गया और कारोबारी के खाते से 40 हजार रुपए निकाल लिए। बदमाशों को कारोबारी की बैंक डीटेल्स भी मिल गई थी।

इस कांड को अंजाम देने वाले मास्टर माइंड आरोपी देवेन्द्र धृतलहरे, अजय उर्फ अज्जू और इनका एक साथी तिलक अब भी फरार हैं। पकड़े गए बदमाशों में शिव कुमार कोसले, मनीष यादव, टिकेश चतुर्वेदी,सूरज महेश्वर, नरेन्द्र बंजारे उर्फ बबलू, अगम दास कोसले, शशिकांत चतुर्वेदी, बनवारी यादव और दो नाबालिग शामिल हैं। ये सभी अभनपुर अौर मुजगहन के रहने वाले