बीजापुर/बस्तर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने की समय-सीमा से पहले बस्तर में बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात नक्सली कमांडर पापाराव ने 18 साथियों के साथ सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
पापाराव ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, डीजीपी अरुण देव गौतम सहित वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हथियार डाले। सरकार के अनुसार बस्तर में करीब 96 फीसदी सशस्त्र नक्सली या तो मारे जा चुके हैं या सरेंडर कर चुके हैं, जिससे नक्सल संगठन का ढांचा कमजोर हो गया है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में 3000 से अधिक नक्सलियों ने सरेंडर किया है, जबकि 2000 से ज्यादा गिरफ्तार और 500 से अधिक मुठभेड़ों में ढेर हुए हैं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में डीकेजेडसी स्तर का कोई सक्रिय नक्सली नहीं बचा है।









