knn24news/ लाॅकडाउन के बीच फिर एसईसीएल कुसमुंडा खदान से काेयला मिश्रित पानी हसदेव नदी में छाेड़ा जा रहा है। इससे हसदेव नदी दूर-दूर तक काली हाे गई है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। साल भर पहले भी जब काेराेना वायरस संक्रमण काे देखते हुए देशव्यापी लाॅकडाउन लगा था।
उस दाैरान कई दिन तक एसईसीएल कुसमुंडा खदान से काेयला मिला पानी केनाल के जरिए हसदेव नदी में छोड़ रहे थे। इससे नदी का पानी काला हाे गया था, लेकिन एसईसीएल की मनमानी बंद नहीं हुई है। फिर से लाॅकडाउन लगने के बाद दूषित काेयला मिला पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। इसे लेकर एसईसीएल के अफसर से मोबाइल पर जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हाे सका।
पीने व निस्तारी के उपयाेग में आता है पानी: सर्वमंगला नगर के आगे केनाल के जरिए कुसमुंडा खदान से काेयला मिश्रित काली पानी नदी में समा रहा है। इसकी वजह से हसदेव प्रदूषित हाे रही है। समस्या यही नहीं लाेग हसदेव नदी के पानी का उपयाेग पीने के अलावा निस्तारी कार्य के लिए करते हैं। इसके अलावा मवेशी भी नदी का पानी पीते हैं। ऐसे में हसदेव नदी का पानी उपयाेग के लायक नहीं रह गया है। पिछले वर्ष भी जब नदी में काेयला मिश्रित पानी छाेड़ा गया था तब भी लाेगाें काे दिक्कत हुई थी। पर्यावरण विभाग का ध्यान इस ओर नहीं है।









