Thursday, March 12, 2026

कोरबा: करोड़ों के विकास दावों के बीच पुराना कोरबा उपेक्षित, नालियों से लेकर अतिक्रमण तक जनता परेशान : मनोज अग्रवाल 

कोरबा। मनोज अग्रवाल रेल संघर्ष समिति के सदस्य ने जिले की बदहाल स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपये के राजस्व और भूमि पूजन कार्यक्रमों के दावों के बीच पुराना कोरबा आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित नजर आ रहा है। शहर के कई वार्डों में नालियों, सड़कों और अतिक्रमण की गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

वार्ड क्रमांक 3 की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। यहां नालों को स्लैब से ढका नहीं गया है, जिसके कारण आए दिन गाय, बैल सहित अन्य जानवर नालियों में गिरकर घायल हो रहे हैं। डी.डी.एम. रोड की हालत भी बदहाल है—नालियां जाम हैं, कई स्थानों पर टूट-फूट हो चुकी है और सड़क पर जलभराव बना रहता है।

इसी तरह वार्ड क्रमांक 12 स्थित मधु स्वीट गली में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। कई जगह तो नाली का अस्तित्व ही नहीं है, जिससे सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शहर में बढ़ते अतिक्रमण ने यातायात व्यवस्था को भी पूरी तरह चरमरा दिया है। सोनालिया पुल से शारदा विहार मोड़ तक दुकानदारों और ठेला-गुमटी वालों द्वारा सड़क पर किए गए अतिक्रमण से आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। मिशन रोड पर फल ठेले और गुमटियां सड़क पर लगने से आवागमन बेहद कठिन हो गया है।

सिटी कोतवाली वाली गली और रानी धनराज कुंवर देवी अस्पताल के आसपास लगी गुमटियों से मरीजों, उनके परिजनों और आम नागरिकों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं उषा कॉम्प्लेक्स रेलवे क्रॉसिंग के पास समोसा दुकानदारों द्वारा सड़क पर दुकान लगाए जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।

शहर के मध्य संचालित शराब दुकान को लेकर भी लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शराब दुकान के कारण दिनभर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं और बच्चों का वहां से निकलना मुश्किल हो गया है।

रेल संघर्ष समिति के सदस्य मनोज अग्रवाल ने इन समस्याओं को लेकर जिला एवं निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया तो प्रशासन को जन आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने शीघ्र अतिक्रमण हटाने, नालियों की मरम्मत व सफाई, तथा शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

अब देखना यह है कि जिला और नगर निगम प्रशासन इन गंभीर समस्याओं पर कब तक ठोस कदम उठाता है या फिर पुराना कोरबा यूं ही उपेक्षा का शिकार बना रहेगा।