कोरबा। कोयला उद्योग की राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल का असर कोरबा जिले में भी देखने को मिला, जहां केंद्रीय संयुक्त ट्रेड यूनियन के आह्वान पर आयोजित हड़ताल को कांग्रेस पार्टी ने खुलकर समर्थन दिया। श्रमिक संगठनों के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता दीपका, कुसमुंडा और मानिकपुर खदानों तक पहुंचे और मजदूरों के साथ मिलकर खदानों को बंद कराने का प्रयास किया।
जिला कांग्रेस के प्रमुख हरीश परसाई, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तनवीर अहमद, विशाल शुक्ला, रामू कंवर सहित अन्य नेता दीपका खदान पहुंचे। उन्होंने श्रमिकों के साथ प्रदर्शन करते हुए हड़ताल को समर्थन दिया और मजदूर हितों की आवाज बुलंद की।
हरीश परसाई ने कहा कि पार्टी के निर्देश पर कांग्रेस इस हड़ताल के समर्थन में मैदान में उतरी है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए कहा कि कांग्रेस मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।
कर्मचारियों का मिला सहयोग
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तनवीर अहमद ने बताया कि सुबह से ही श्रमिक नेताओं और कर्मचारियों का हड़ताल को व्यापक समर्थन मिल रहा है। कुसमुंडा और मानिकपुर खदानों में भी श्रमिक नेताओं ने पहली पाली के कर्मचारियों से हड़ताल में शामिल होने का आग्रह किया, जिस पर कर्मचारियों ने सहयोग दिया।
कांग्रेस और श्रमिक संगठनों ने हड़ताल को सफल बताया है और कहा है कि मजदूरों की एकजुटता ने आंदोलन को मजबूती दी है।
इस एक दिवसीय हड़ताल का असर उत्पादन पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। जानकारों के अनुसार, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) को इस हड़ताल से आर्थिक नुकसान हो सकता है।
हड़ताल के कारण खदानों में कामकाज प्रभावित रहा और पूरे क्षेत्र में श्रमिक आंदोलन की चर्चा रही।









