कोरबा, छत्तीसगढ़।शहर में संचालित हो रहे कई प्री-प्राइमरी स्कूलों द्वारा सरकारी नियमों की अनदेखी किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को एक औपचारिक शिकायत प्रस्तुत की गई है, जिसमें स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गई हैं।
शिकायतकर्ता विनित टोयो ने बताया कि मंत्रालय, नया रायपुर द्वारा 19 नवंबर 2025 को जारी आदेश के तहत प्री-प्राइमरी स्कूलों के संचालन के लिए आवश्यक सुरक्षा मानक और आधारभूत सुविधाएं अनिवार्य की गई हैं। इसके बावजूद कोरबा शहर के कई स्कूल इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
शिकायत में कई गंभीर कमियों का उल्लेख किया गया है। इनमें स्कूलों में खेल मैदान का अभाव, लड़के-लड़कियों के लिए अलग शौचालयों की कमी, बाउंड्री वॉल का न होना, और प्रथम तल पर संचालित स्कूलों से सीधे व्यस्त सड़कों पर खुलने वाले रास्ते जैसी खतरनाक स्थितियां शामिल हैं।
इसके अलावा स्कूलों में सिक रूम, स्वच्छ पेयजल (आरओ), सीसीटीवी निगरानी और फायर सेफ्टी जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। कई संस्थानों में स्कूल मैनेजिंग कमेटी का गठन नहीं किया गया है, वहीं कर्मचारियों को पीएफ और ईएसआईसी जैसी सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। स्टाफ को वेतन भी बैंक ट्रांसफर के बजाय अन्य तरीकों से दिया जा रहा है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई स्कूलों के पास फायर सेफ्टी विभाग और पीडब्ल्यूडी द्वारा जारी भवन सुरक्षा प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं हैं, जो कि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की गई है कि ऐसे स्कूलों की तत्काल जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए, जिसमें निरीक्षण, नोटिस जारी करना, मान्यता रद्द करना या संस्थानों को सील करना शामिल हो सकता है।
शिकायत की प्रतिलिपि उच्च न्यायालय बिलासपुर, कलेक्टर कोरबा, स्कूल शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्री सहित विभिन्न संबंधित विभागों को भी भेजी गई है।
स्थानीय अभिभावकों में इस मामले को लेकर चिंता का माहौल है और वे प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।









