Sunday, July 19, 2026

कोरबा में लकड़ी चोरी का बड़ा मामला: पेड़ों की कटाई के बाद लकड़ी अभनपुर भेजी, FIR दर्ज, आरा मिल सील

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सरकारी अनुमति से काटे गए पेड़ों की लकड़ी को वन विभाग के डिपो में जमा कराने के बजाय चोरी-छिपे रायपुर जिले के अभनपुर स्थित एक आरा मिल भेजने का मामला सामने आया है। मामले का खुलासा होने के बाद वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं जांच के दौरान अभनपुर स्थित संबंधित आरा मिल में दबिश देकर लकड़ियां बरामद की गईं और मिल को सील कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, परिक्षेत्र अधिकारी कुदमुरा (उत्पादन) विक्रांता सिंह कंवर ने सिविल लाइन थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 की शाम कार्यपालन अभियंता तारामणी तिग्गा ने सूचना दी कि सीएसईबी कॉलोनी रामपुर स्थित जूनियर क्लब के पास काटे गए सात पेड़ों के लट्ठों को एक वाहन में लोड किया जा रहा है। मौके पर पहुंचने पर वाहन नहीं मिला।

जांच में पता चला कि सीएसईबी कॉलोनी रामपुर के राजस्व क्षेत्र में खड़े 207 पेड़ों की कटाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोरबा की अनुमति से कराई जा रही थी। 29 जून को सात पेड़ों की कटाई की गई थी, जबकि शेष पेड़ों की कटाई के लिए कोरबा निवासी सुनील कुमार गुप्ता को लेबर वेंडर के रूप में नियुक्त किया गया था।

पूछताछ के दौरान सुनील कुमार गुप्ता ने स्वीकार किया कि उसने सातों पेड़ों की लकड़ी को बिना किसी अनुमति के अपने वाहन से रायपुर जिले के अभनपुर भेज दिया। सरकारी नियमों के अनुसार कटाई के बाद प्राप्त पूरी लकड़ी को वन विभाग के निर्धारित डिपो में जमा कराना अनिवार्य था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

वन विभाग ने इसे वनोपज की चोरी का गंभीर मामला मानते हुए शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार गुप्ता निवासी पुराना बस स्टैंड, कोरबा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अभनपुर में कार्रवाई, आरा मिल सील

पुलिस और वन विभाग की संयुक्त जांच के दौरान रायपुर जिले के अभनपुर स्थित एक आरा मिल में दबिश दी गई। यहां से कथित तौर पर भेजी गई लकड़ियां बरामद की गईं। कार्रवाई के तहत संबंधित आरा मिल को भी सील कर दिया गया है।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण में अन्य लोगों की भूमिका रही है या नहीं। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।