Sunday, July 19, 2026

डबल मर्डर से सनसनी: मां और 10 माह की मासूम बेटी की बेरहमी से हत्या, बोर घर में मिले खून से लथपथ शव

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बार फिर दिल दहला देने वाली दोहरे हत्याकांड की वारदात सामने आई है। लैलूंगा थाना क्षेत्र के छापरपानी गांव में 40 वर्षीय महिला और उसकी 10 महीने की मासूम बेटी की निर्मम हत्या कर दी गई। दोनों के खून से लथपथ शव खेत में बने बोर घर से बरामद हुए। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान बरत कुमारी (40) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात आरोपी ने भारी वस्तु से महिला और उसकी मासूम बेटी के सिर एवं चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या की। सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पति की मौत के बाद बिगड़ गई थी मानसिक स्थिति

जानकारी के मुताबिक, बरत कुमारी के पति की करीब 4-5 वर्ष पहले मौत हो गई थी। इसके बाद से उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। वह अपनी 10 महीने की बेटी परी के साथ गांव में इधर-उधर रहकर जीवनयापन करती थी और प्रहलाद बेहरा के खेत में बने बोर घर में रात गुजारती थी।

सुबह ग्रामीण ने देखा खून से लथपथ शरीर

बताया जा रहा है कि बुधवार को बरत कुमारी को सुकवास गांव से चावल लेकर लौटते हुए देखा गया था। गुरुवार सुबह ग्रामीण ननकूराम जब बोर घर के पास पहुंचा तो उसने महिला को गंभीर रूप से घायल अवस्था में देखा और तत्काल उसके परिजनों को सूचना दी।

परिजन मौके पर पहुंचे तो महिला की मौत हो चुकी थी। उसके सिर और चेहरे पर गहरे घाव थे और काफी खून बह चुका था। वहीं, पास में उसकी 10 महीने की बेटी परी भी मृत अवस्था में मिली, जिसके सिर पर भी गंभीर चोट के निशान पाए गए।

फॉरेंसिक टीम जुटी जांच में

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके से साक्ष्य जुटाए। हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।

5 दिन पहले भी हुआ था डबल मर्डर

गौरतलब है कि रायगढ़ जिले में यह पांच दिनों के भीतर दूसरा डबल मर्डर है। इससे पहले 15 जुलाई को धरमजयगढ़ क्षेत्र में जमीन विवाद के चलते एक बुजुर्ग दंपती की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए घर में आग लगाकर शवों को जलाने की भी कोशिश की थी।