कोरबा: कोरबा में स्वास्थ्य विभाग हमेशा सवालों के घेरे में रहता है. गीता देवी मेमोरियल अस्पताल में कोरवा जनजाति के महिला की मौत का मामला शांत भी नहीं हुआ कि एक और मामले में कोरबा स्वास्थ्य विभाग घिर गया है. दरअसल, स्वास्थ्य विभाग के एक आदेश के कारण मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम करने के लिए चिकित्सक कंफ्यूज हो गए. इस कारण दर्री थाना क्षेत्र से मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों को घंटों परेशान होना पड़ा. ड्यूटी पर रहे चिकित्सक ने पहले तो सब वापस कटघोरा ले जाने को कह दिया. जब मामला डीन तक पहुंचा तब अस्पताल परिसर में पोस्टमार्टम कराया गया.
सोमवार को दर्री थाना से परिजन मृतक का शव लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे थे. इस विषय में दर्री थाना क्षेत्र के निवासी राजू सोनी ने बताया कि सोमवार सुबह ही उनके चाचा की मृत्यु हो गई थी. हृदयाघात से मौत के बाद विधिसम्मत कार्रवाई के लिए उन्होंने थाने को सूचना दी. इसके बाद थाना से एक आरक्षक के साथ पोस्टमार्टम के लिए हम जिला अस्पताल पहुंचे थे. लेकिन वहां हमें ड्यूटी पर रहे डॉक्टर ने एक आदेश दिखाया और कहा कि दर्री थाना क्षेत्र से आने वाला पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में नहीं होगा. इसलिए शव वापस ले जाएं. पोस्टमार्टम गोपालपुर या सामुदायिक स्वास्थ केंद्र कटघोरा में किया जाएगा.











