Tuesday, August 25, 2026

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में किस नेता की सोशल मीडिया पर पकड़ मजबूत? भूपेश बघेल आगे, टीएस सिंहदेव दूसरे नंबर पर; दीपक बैज की डिजिटल मौजूदगी कमजोर

रायपुर। राजनीति अब सिर्फ मंच, रैलियों और चुनावी मैदान तक सीमित नहीं रह गई है। मोबाइल की स्क्रीन पर भी नेताओं की सक्रियता और उनकी डिजिटल पहुंच राजनीतिक प्रभाव का अहम हिस्सा बन चुकी है। नेता का बयान हो या सरकार पर हमला, सोशल मीडिया के जरिए कुछ ही मिनटों में संदेश हजारों-लाखों लोगों तक पहुंच जाता है।

ऐसे में Facebook, Instagram और X जैसे प्लेटफॉर्म नेताओं के लिए जनता तक सीधे पहुंचने का महत्वपूर्ण माध्यम बन गए हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की सोशल मीडिया मौजूदगी पर नजर डालें तो तस्वीर काफी दिलचस्प नजर आती है। राजनीतिक कद बड़ा होने के बावजूद हर नेता की डिजिटल पहुंच एक जैसी मजबूत नहीं है।

भूपेश बघेल की सोशल मीडिया पर सबसे मजबूत पकड़

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के सोशल मीडिया फॉलोअर्स के आंकड़ों की तुलना में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिजिटल मौजूदगी सबसे मजबूत बताई गई है। तीनों प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी सक्रियता और फॉलोअर्स की संख्या उन्हें पार्टी के अन्य नेताओं से आगे रखती है।

आईटी एक्सपर्ट मुताबिक, उपलब्ध आंकड़ों को देखें तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सोशल मीडिया के मामले में भूपेश बघेल की पकड़ सबसे मजबूत है। उनकी पोस्ट और राजनीतिक बयानों की डिजिटल पहुंच भी व्यापक दिखाई देती है।

टीएस सिंहदेव दूसरे नंबर पर

सोशल मीडिया प्रभाव के मामले में टीएस सिंहदेव दूसरे स्थान पर बताए जा रहे हैं। सिंहदेव की भी सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अच्छी मौजूदगी है। हालांकि, प्लेटफॉर्म के हिसाब से उनके फॉलोअर्स की संख्या में अंतर देखने को मिलता है।

दीपक बैज की डिजिटल मौजूदगी पर सवाल

वहीं, छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की सोशल मीडिया मौजूदगी पार्टी के कुछ बड़े नेताओं की तुलना में कमजोर नजर आती है। संगठन में प्रदेश अध्यक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होने के बावजूद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी पहुंच अपेक्षाकृत कम है।

यह स्थिति ऐसे समय में महत्वपूर्ण हो जाती है, जब राजनीतिक दल लगातार सोशल मीडिया को जनसंपर्क और राजनीतिक नैरेटिव बनाने के प्रमुख माध्यम के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।

एक प्लेटफॉर्म पर मजबूत, दूसरे पर कमजोर

कांग्रेस नेताओं के सोशल मीडिया आंकड़ों में एक और दिलचस्प पहलू सामने आता है। कई नेताओं की किसी एक प्लेटफॉर्म पर अच्छी पकड़ है, लेकिन दूसरे प्लेटफॉर्म पर उनके फॉलोअर्स की संख्या काफी कम है।

इससे साफ है कि राजनीतिक लोकप्रियता और सोशल मीडिया लोकप्रियता हमेशा एक जैसी नहीं होती। किसी नेता का जमीनी राजनीतिक प्रभाव बड़ा हो सकता है, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उसकी पहुंच अपेक्षाकृत सीमित हो सकती है।

आने वाले समय में डिजिटल राजनीति और होगी अहम

राजनीतिक दलों के लिए सोशल मीडिया अब सिर्फ प्रचार का माध्यम नहीं बल्कि जनता की प्रतिक्रिया जानने, मुद्दे उठाने और विरोधियों पर राजनीतिक हमला करने का भी महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन गया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं के लिए भी डिजिटल पहुंच बढ़ाना आने वाले समय में अहम चुनौती हो सकती है।