कांकेर/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ में दशहरा उत्सव के दौरान हुए अलग-अलग सड़क हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। कांकेर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में दुर्घटनाओं के चलते चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हादसों के बाद कांकेर में ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। सड़क सुरक्षा की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार सुबह बाइपास मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। वहीं, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में दशहरे की रात घायलों को अस्पताल पहुंचाने का सिलसिला जारी रहा।
कांकेर में सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, ग्रामीणों का प्रदर्शन
कांकेर जिले के नंदनमारा के पास मंगलवार रात हुए सड़क हादसे में दो युवकों की जान चली गई। दोनों मृतक नंदनमारा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसे की खबर के बाद गांव में शोक का माहौल है, वहीं सड़क सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी बढ़ गई।
बुधवार सुबह ग्रामीणों ने बाइपास मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन में महिलाएं और बच्चियां भी शामिल हुईं। चक्काजाम के कारण मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ।
स्ट्रीट लाइट और स्पीड ब्रेकर की मांग
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बाइपास मार्ग पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, स्पीड ब्रेकर और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क पर सुरक्षा के पर्याप्त उपाय होने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक उनका विरोध जारी रहेगा। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारी ग्रामीणों को समझाकर चक्काजाम समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में दो लोगों की मौत, 24 से ज्यादा घायल
उधर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी दशहरे की रात सड़क हादसों के नाम रही। अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 से अधिक लोग घायल हो गए। त्योहार के दौरान हुए इन हादसों से कई परिवारों में मातम छा गया।
जानकारी के अनुसार, जिले में अधिकांश दुर्घटनाओं में बाइक सवार घायल हुए। कुछ लोग दशहरा मेले से लौटते समय हादसों का शिकार हुए, जबकि कुछ के नशे की हालत में गिरकर घायल होने की जानकारी भी सामने आई है।
घायलों को रातभर जिला अस्पताल पहुंचाया जाता रहा। कुछ घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल लाया गया, जबकि अन्य को 112 और 108 एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिए पहुंचाया गया।
मरवाही में सूरज केवट की मौत
मरवाही क्षेत्र के पास हुए हादसे में चंगेरी निवासी सूरज केवट गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे मरवाही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इसी तरह रामगढ़ निवासी राजेश्वर सिंह अपने गांव में किसी परिचित की बाइक लेकर निकला था। इसी दौरान उसकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल राजेश्वर की भी अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई।
दोनों घटनाओं के बाद मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है।
जिला अस्पताल में घायलों का इलाज जारी, तीन बिलासपुर रेफर
दशहरे की रात हुए हादसों के बाद जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में घायल पहुंचे। जानकारी के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) रेफर किया गया है। वहीं, करीब 19 घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।
चिकित्सकों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
कांकेर और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में हुए हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की जरूरत को सामने ला दिया है। त्योहारों के दौरान सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में तेज रफ्तार से बचना, हेलमेट पहनना और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाना बेहद जरूरी है।
कांकेर में ग्रामीणों का चक्काजाम भी सड़क पर बेहतर सुरक्षा इंतजामों की मांग को दर्शाता है। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कौन-से सुरक्षा उपाय किए जाते हैं।







