Saturday, June 27, 2026

छत्तीसगढ़ में हीरा खनन की दिशा में बड़ा कदम, बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में बड़े व्यास की ड्रिलिंग को मंजूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल ने नई दिल्ली में आयोजित बैठक में महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में परियोजना के अगले चरण के तहत लार्ज डायमीटर (बड़े व्यास) ड्रिलिंग शुरू करने को मंजूरी दे दी है। इस प्रक्रिया से क्षेत्र में हीरे के वास्तविक भंडार का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा और भविष्य में व्यावसायिक हीरा खनन का मार्ग प्रशस्त होगा।

बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। बड़े व्यास की ड्रिलिंग के बाद विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (फिजिबिलिटी रिपोर्ट) तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर व्यावसायिक खदान विकसित करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

एनसीएल, भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड (51 प्रतिशत) और छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (49 प्रतिशत) का संयुक्त उपक्रम है। कंपनी द्वारा किए गए सर्वेक्षण और परीक्षण के दौरान लगभग 200 टन बल्क सैंपल से 1.22 कैरेट के पांच प्राकृतिक हीरे मिले थे, जिससे इस क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की वैज्ञानिक पुष्टि हो चुकी है।

निदेशक मंडल ने बैलाडीला डिपॉजिट-4 और डिपॉजिट-13 की लौह अयस्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की। साथ ही सभी परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक खनन, जल संरक्षण और स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सौरभ सिंह ने कहा कि बलौदा-बेलमुंडी हीरा परियोजना भविष्य में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक साबित हो सकती है।