रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी के दो दिवसीय रायपुर दौरे के दौरान कुछ मंत्रियों की कार्यशैली को लेकर कथित शिकायतों का मुद्दा सामने आया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने कुछ मंत्रियों के कामकाज पर असंतोष जताया। इसके बाद सोमवार, 26 अक्टूबर को मंत्रियों के साथ हुई बैठक में विभागीय कामकाज और संगठन के साथ समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा किए जाने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, किन मंत्रियों को लेकर शिकायतें की गईं और किन्हें सुधार की नसीहत दी गई, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान भी सामने नहीं आया है।
पूर्व सांसदों और विधायकों ने उठाया कार्यशैली का मुद्दा
स्मृति ईरानी ने रायपुर प्रवास के दौरान पार्टी के वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। जानकारी के मुताबिक, पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा के दौरान कुछ मंत्रियों की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जाहिर की गई।
इन बैठकों में पार्टी कार्यकर्ताओं की शिकायतों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और सरकार तथा संगठन के बीच समन्वय जैसे विषयों पर फीडबैक लिए जाने की बात कही जा रही है।
मंत्रियों के साथ बैठक में शिकायतों पर चर्चा
सोमवार, 26 अक्टूबर को स्मृति ईरानी ने राज्य सरकार के मंत्रियों के साथ बैठक की। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि इस दौरान विभागीय कामकाज, कार्यकर्ताओं की समस्याओं और संगठन के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने पर चर्चा हुई।
यह भी कहा जा रहा है कि तीन से चार मंत्रियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने और संगठन के साथ समन्वय मजबूत करने की नसीहत दी गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे किसी मंत्री के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई या आधिकारिक चेतावनी नहीं माना जा सकता।
सरकार और संगठन के बीच तालमेल पर जोर
छत्तीसगढ़ में भाजपा नेतृत्व के सामने सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ-साथ संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय बनाए रखने की चुनौती है। ऐसे में प्रदेश प्रभारी की बैठकों को सरकार और संगठन के बीच संवाद बेहतर करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
बैठकों में जनप्रतिनिधियों की भूमिका, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी है।
2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा दौरा
स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे को वर्ष 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं की शिकायतों का समाधान करना और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।
हालांकि, इस दौरे में चुनावी रणनीति को लेकर क्या निर्णय लिए गए, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
दो दिन में आधा दर्जन से अधिक बैठकें
प्रदेश भाजपा प्रभारी ने अपने दो दिवसीय रायपुर प्रवास के दौरान पार्टी के विभिन्न स्तरों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ आधा दर्जन से अधिक बैठकें कीं। रविवार से शुरू हुआ बैठकों का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। इन चर्चाओं के जरिए संगठन की स्थिति और सरकार के कामकाज को लेकर फीडबैक लिए जाने की जानकारी है।
सोमवार देर शाम दिल्ली रवाना हुईं स्मृति ईरानी
दो दिवसीय प्रवास और बैठकों के बाद स्मृति ईरानी सोमवार देर शाम रायपुर से दिल्ली रवाना हो गईं। उनके दौरे के बाद प्रदेश भाजपा में सरकार और संगठन के बीच तालमेल तथा कुछ मंत्रियों की कथित कार्यशैली को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मंत्रियों पर कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं
फिलहाल किसी मंत्री के खिलाफ कार्रवाई, विभाग बदलने या अन्य संगठनात्मक कदम उठाए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आगे की स्थिति पर नजर रहेगी कि बैठकों में सामने आए फीडबैक के आधार पर सरकार और संगठन के बीच समन्वय बेहतर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।





