
काेरबा शहर में प्रमुख चाैराहाें में से यातायात का सबसे ज्यादा दबाव वाले ट्रांसपाेर्टनगर चाैक पर ट्रैफिक सिग्नल अक्सर फेल हाे जा रहा है। दूसरी ओर सुनालिया चाैक पर संजय नगर रेलवे फाटक की स्थिति बताने वाला सिग्नल भी लंबे समय से बंद है। शहर के इन व्यस्ततम स्थानाें पर ट्रैफिक सिग्नल के नहीं चलने से लाेगाें काे परेशानी हाे रही है। पुलिस और नगर निगम ने शहर में प्रमुख सड़काें पर आवाजाही करने वाले वाहन चालक समेत अन्य लाेगाें काे बेहतर यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने कई इंतजाम किए हैं।
इसमें से एक ट्रैफिक सिग्नल हैं, जाे शहर के चुंनिदा प्रमुख चाैराहाें पर लगाया है। हालांकि यातायात के सबसे ज्यादा दबाव वाले ट्रांसपाेर्टनगर व सीएसईबी चाैक पर ही ट्रैफिक सिग्नल का उपयाेग हाे रहा है। बुधवारी बाजार के पास महाराणा प्रताप चाैक और निहारिका के पास सुभाष चाैक पर लगे ट्रैफिक सिग्नल शाे-पीस बनकर रह गए हैं। वर्तमान में ट्रांसपाेर्टनगर चाैक पर लगा ट्रैफिक सिग्नल भी खराब हाेने से शाे-पीस साबित हाे रहा है। सप्ताहभर से अधिक समय हाे गया, लेकिन सिग्नल सुधार के लिए कवायद नहीं की गई है, जबकि सुबह से लेकर रात तक चाैक पर यातायात का दबाव रहता है। सिग्नल नहीं चलने से चाराें दिशाओं पर चलने वाले वाहन चालक मनमर्जी से गुजर जाते हैं। चाैक पर तैनात ट्रैफिक जवानाें के लिए भी बिना सिग्नल के चले व्यवस्था संभालना मुश्किल हाे जाता है। ऐसा ही हाल सुनालिया चाैक लगे रेलवे फाटक सिग्नल का है, जाे कई साल से बंद है। इन सिग्नल के बंद रहने से लाेगाें काे परेशानी हाे रही है। ट्रैफिक सिग्नल सुधार की जिम्मेदारी एक विज्ञापन एजेंसी की है। इसके द्वारा नगर निगम से शहर के चाैराहाें पर विज्ञापन प्रदर्शित करने के एवज में ट्रैफिक सिग्नल ऑपरेट करने अनुबंध किया गया है।









