Friday, June 19, 2026

अस्थियां कर रही है अपनो का इंतजार

रायपुर. छत्तीगसढ़ में 500 से ज्यादा लाेगों की अस्थियां अपनों का इंतजार करते करते दुर्गति को प्राप्त हो गईं। रायपुर में 150 लोगों की अस्थियों को गड्ढे में दफन करना पड़ा तो भिलाई में लॉकर में रखे कलश अभी भी अपनों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जगदलपुर, कोंडागांव, गरियाबंद में भी 100 से ज्यादा अस्थियों को लेने उनके परिजन नहीं पहुंचे। श्मशान के कर्मचारी कई दिनों तक परिजनों का इंतजार करते रहे। मजबूरन रायपुर निगम को बूढ़ातालाब स्थित श्मशान घाट में गड्ढा खोदकर अस्थियों को दफनाना पड़ा। कर्मचारी मनीष पाल का कहना है, श्मशान घाटों में कोविड शवों की अंत्येष्टि कर अस्थियां अगले दिन मिल जाती हैं। कुछ परिजन किन्हीं कारणों से इसे श्मशान में ही सुरक्षित रखवा लेते हैं और दो से तीन दिन में आकर ले जाते हैं। अप्रैल से मई महीने में 250 मृतकों की अस्थियों को श्मशान में खोदे गए 15 फीट के गड्ढे में दफन किया गया है। प्रत्येक गड्ढे में 60 से अधिक अस्थियां दबी हैं। उनका कहना है, कई मृतकों की अस्थियां महीनेभर से अधिक लावारिस पड़ी हुई थीं। कई लोगों ने तो फोन भी नहीं उठाया, जिससे बाद में गड्ढे में दफन कर दिया गया।