Thursday, April 30, 2026

    दिल्ली शराब नीति केस में केजरीवाल को जमानत:177 दिन बाद जेल से बाहर आएंगे; सुप्रीम कोर्ट बोला- पिंजरे के तोते वाली छवि से बाहर आए CBI

    दिल्ली शराब नीति से जुड़े केस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार, 13 सितंबर को जमानत मिल गई। केजरीवाल 177 दिन बाद जेल से बाहर आएंगे। अदालत ने जमानत के लिए वहीं शर्तें लगाई हैं, जो ED केस में बेल देते वक्त लगाई गई थीं।

    केजरीवाल के खिलाफ 2 जांच एजेंसी (ED और  ने केस दर्ज किया है। ED मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से 12 जुलाई को जमानत मिली थी। ने इस फैसले को सत्य की जीत बताया है।

    शराब नीति केस में एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने उन्हें 21 मार्च को अरेस्ट किया था। बाद में 26 जून को CBI ने उन्हें जेल से हिरासत में लिया था। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जवल भुईयां की बेंच ने CBI की गिरफ्तारी को नियमों के तहत बताया।

    1. अगर कोई व्यक्ति पहले से हिरासत में है। जांच के सिलसिले में उसे दोबारा अरेस्ट करना गलत नहीं है। CBI ने बताया है कि, उनकी जांच क्यों जरूरी थी।

    2. याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी अवैध नहीं है। CBI ने नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया है। उन्हें जांच की जरूरत थी। इसलिए इस केस में अरेस्टिंग हुई।

    1. CBI की गिरफ्तारी जवाब से ज्यादा सवाल खड़े करती है। जैसे ही ED केस में उन्हें जमानत मिलती है। CBI एक्टिव हो जाती है। ऐसे में अरेस्टिंग के समय पर सवाल खड़े होते हैं।

    2. CBI को निष्पक्ष दिखना चाहिए और हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए ताकि गिरफ्तारी में मनमानी न हो। जांच एजेंसी को पिंजरे में बंद तोते की धारणा को दूर करना चाहिए।

    केजरीवाल को ED ने 21 मार्च को गिरफ्तार गिरफ्तार किया था। 10 दिन की पूछताछ के बाद 1 अप्रैल को तिहाड़ जेल भेजा गया। 10 मई को 21 दिन के लिए लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए रिहा किया गया। ये रिहाई 51 दिन जेल में रहने के बाद मिली थी। 2 जून को केजरीवाल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया।

    आज यानी 13 सितंबर को केजरीवाल की रिहाई हो जाती है तो उन्हें जेल गए कुल 177 दिन हो जाएंगे। इसमें से वह 21 दिन अंतरिम जमानत पर रहे। यानी केजरीवाल ने अब तक कुल 156 दिन जेल में बिताए हैं।

    दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, केजरीवाल शाम 5-6 बजे के करीब जेल से बाहर आएंगे। सभी पार्टी कार्यकर्ता उनके आवास पर आने वाले हैं। कुछ पार्टी कार्यकर्ता उनका स्वागत करने के लिए तिहाड़ जेल के बाहर हैं।

    आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि CBI सरकार का तोता है। तोता-मैना, यानी ED-CBI का इस्तेमाल करके आप बाबा साहेब के संविधान को खत्म नहीं कर सकते।

    अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा, बीजेपी ने जो प्लान बनाया था, वो फेल हो गया। वे विपक्षी नेताओं को जेल में डालना चाहते हैं और सत्ता में बने रहना चाहते हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य यही है।

    हरियाणा में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने कहा- मैं SC के फैसले का स्वागत करता हूं, सत्य की जीत हुई है। अरविंद केजरीवाल जल्द हरियाणा में प्रचार के लिए आएंगे। पार्टी अब और उत्साह से चुनाव लड़ेगी।

    भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, एक आरोपी जमानत पर बाहर आ रहा है। कोर्ट ने कहा कि सीएम होने के नाते वह किसी फाइल पर साइन नहीं कर सकते। न ही दफ्तर जा सकते हैं। दिल्ली में सड़कें खराब हैं, साफ पानी नहीं है। अगर आप कुछ नहीं कर सकते तो इस्तीफा दे दें और किसी और को मौका दें।

    आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, हमारे लिए यह एक इमोशनल पल है कि हमारे भाई और राजनीतिक गुरु अरविंद केजरीवाल भाजपा द्वारा रची गई सभी साजिशों के बाद बाहर आने वाले हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा को संदेश दिया है कि उन्हें अपनी तानाशाही बंद करनी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीबीआई पिंजरे के तोते की तरह काम कर रही है।

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा- अरविंद केजरीवाल जी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलना इस बात का सबूत है कि सत्य को कभी दबाया नहीं जा सकता।

    केजरीवाल की जमानत पर शरद पवार ने कहा- एक बात तो साफ है कि देश में लोकतंत्र की नींव अभी भी मजबूत है। इतने लंबे समय से चली आ रही लड़ाई आज सच्चाई के रास्ते पर शुरू हुई। लोकतांत्रिक देश में किसी को सत्ता से बेदखल करने की साजिश कभी कामयाब नहीं हो सकती।

    अरविंद केजरीवाल की जमानत पर पंजाब के मंत्री ब्रह्मशंकर शर्मा-जिम्पा सहित पंजाब के आप नेताओं ने जश्न मनाया। नेता ढोल पर नाचे।

    भाजपा नेता गौरव भाटिया ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने कट्टर बेईमान, के संयोजक अरविंद केजरीवाल को फिर से आइना दिखाया है। जो आदेश पारित हुआ है, उसमें भ्रष्टाचारी अरविंद केजरीवाल को सशर्त जमानत मिली है। जेल वाला CM अब बेल वाला CM बन गया है। अब अरविंद केजरीवाल को चाहिए कि वो अपने पद से इस्तीफा दे दें, लेकिन अरविंद केजरीवाल ऐसा करेंगे नहीं क्योंकि उनमें जरा भी नैतिकता नहीं बची है। अब ये कहना गलत नहीं होगा कि भ्रष्टाचार युक्त CM अभियुक्त। अब वो अभियुक्त की श्रेणी में हैं।

    केजरीवाल की जमानत पर बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने कहा, कोर्ट में उनकी दलील थी कि उनकी गिरफ्तारी अवैध है। सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा है कि अपीलकर्ता की गिरफ्तारी में वैध है। गिरफ्तारी संवैधानिक थी। सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के दुष्प्रचार का भंडाफोड़ किया।

    अरविंद केजरीवाल को कभी किसी कोर्ट से राहत नहीं मिली और कोई भी आरोप खारिज नहीं किया गया। उन्हें बरी नहीं किया गया। बरी होने का सवाल ही नहीं उठता क्योंकि मुकदमा जारी रहेगा। आप को जवाब देना होगा कि अरविंद केजरीवाल इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं। बीजेपी भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रखती है। भ्रष्ट अरविंद केजरीवाल एक दिन झुकेंगे और जनता उनसे इस्तीफा ले लेगी।

    सीएम केजरीवाल की पत्नी सुनीता ने कहा- आप परिवार को बधाई! अन्य नेताओं की भी जल्द रिहाई की उम्मीद करती है।

    राजद सांसद मनोज झा ने कहा, ‘ये तो होना ही था। ये हर मामले में होगा क्योंकि सभी मामले फर्जी, काल्पनिक और दिल्ली बीजेपी कार्यालय में रचे गए थे। यह फैसला उन लोगों पर एक तमाचा है जो इसकी साजिश रचते हैं।’

    अरविंद केजरीवाल को जमानत मिलना आम आदमी पार्टी के लिए काफी अहम है। दिल्ली से सटे हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। यहां सभी 90 सीटों पर एक फेज में 5 अक्टूबर को वोटिंग होगी। रिजल्ट 8 अक्टूबर को आएगा।

    हरियाणा में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन नहीं है।पूरी 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। ऐसे में केजरीवाल के जेल से बाहर आने पर प्रचार का जिम्मा उन पर होगा। केजरीवाल के पास करीब 25 दिन प्रचार के लिए होंगे। उनके पास सिंपैथी वोट आ सकता है।

    लोकसभा चुनाव के दौरान भी केजरीवाल को प्रचार के लिए 21 दिन की अंतरिम जमानत मिली थी। तब पार्टी को ज्यादा फायदा नहीं मिला। AAP ने पांच राज्यों की 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था। जिसमें सिर्फ तीन में उन्हें जीत मिली थी। हालांकि हरियाणा विधानसभा चुनाव में परिस्थितियां अलग हैं, यहां  को कितना फायदा मिलेगा। यह रिजल्ट ही बताएगा।