Thursday, September 24, 2026

पहली बार शपथ में नसीहत:राज्यपाल ने कहा- बंगाल में हिंसा तुरंत बंद हो, दीदी का जवाब- अब तक चुनाव आयोग के हवाले था बंगाल

ममता फिर मुख्यमंत्री बन गईं। उन्होंने बुधवार को शपथ ले ली। ये तीसरी बार है जब वे बंगाल की कमान संभाल रहीं। पर इस दौरान रोचक वाकया हुआ। शपथ के दरम्यान मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच कहा-सुनी सी हुई।

समय सुबह साढ़े दस बजे। ममता बनर्जी टाउन हॉल पहुंचीं। पंद्रह मिनट बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ आए। करीब पांच मिनट बाद ममता को शपथ दिलाई गई। फिर दोनों के बीच औपचारिक अभिवादन की परंपरा निभाई गई। धनखड़ ने ममता को गुलदस्ता दिया। ममता ने कुछ दस्तखत किए और सीधे मीडिया के सामने।


‘हमारी प्राथमिकता कोविड के खिलाफ जंग लड़ना है। पहली मीटिंग मेरी कोविड को लेकर ही है। आज ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करके हम ये बताएंगे कि कोविड के लिए राज्य क्या-क्या कर रहा है। मेरी सभी राजनीतिक दलों से अपील है कि शांति बनाए रखिए। बंगाल में किसी तरह की हिंसा की घटना नहीं होनी चाहिए। मैं ये मानकर चल रही हूं कि आज के बाद किसी भी तरह की हिंसक घटना हुई तो हम कड़ी कार्रवाई भी करेंगे। किसी भी व्यक्ति को क्षमा नहीं किया जाएगा। मैं शांति के पक्ष में हूं। बंगाल में शांति थी, है और रहेगी।’


‘मैं आशा करता हूं कि ममता बनर्जी बंगाल में संविधान और कानून व्यवस्था के अनुसार शासन करेंगी। उम्मीद है कि ममता संविधान का मान रखते हुए ही काम करेंगी। बंगाल और देश इस वक्त जिस स्थिति में है और लोग परेशान हैं। इन हालात में हमारी प्राथमिकता इस निरर्थक हिंसा को बंद करना है। ये समाज पर बड़े पैमाने पर प्रभाव डाल रही है। चुनावों के बाद हिंसा अगर बदला लेने के लिए है, तो ये संविधान के खिलाफ है। मुझे पूरी उम्मीद है कि मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था स्थापित करने के लिए तत्काल कदम उठाएंगी।

जिन लोगों को नुकसान पहुंचा है, खासतौर पर बच्चों और महिलाओं को, उन्हें प्राथमिकता देते हुए राहत पहुंचाई जाएगी। लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनना साधारण बात नहीं है। मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री और मेरी छोटी बहन इन हालात में खड़ी होंगी और चुनौतियों से निपटेंगी। इतिहास में कई ऐसे मौके आए हैं, जब हमें पार्टी और हितों से ऊपर उठना पड़ता है। मैं आपको और आपकी टीम को शुभकामनाएं देता हूं। उम्मीद करता हूं कि आप ऐसी व्यवस्था बनाएंगी, जिसमें राज्य खुशहाली और विकास के रास्ते पर बढ़ेगा।’

बंगाल के कई जिलों में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प की खबर आई है। इसमें करीब 11 लोगों की मौत हो गई। भाजपा के ऑफिस और पार्टी वर्कर्स के घरों और दुकानों में भी आगजनी की खबरें हैं। भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर राज्य में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है। वहीं, हिंसा की जांच CBI से कराने की याचिका दायर की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्यपाल धनखड़ से कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की है। राज्य के करीब 300 भाजपा कार्यकर्ता और नेताओं के असम में शरण लेने की भी खबर है।

राज्यपाल ने बात खत्म की ही थी कि ममता ने माइक उठा लिया और बोलीं…
‘पिछले कुछ दिनों से बंगाल की व्यवस्था चुनाव आयोग के हाथ में थी। कानून व्यवस्था चुनाव आयोग के हाथ में थी। मुझे हिंसा के संबंध में खबरें मिली हैं। पिछले कुछ दिनों में जो घटनाएं हुई हैं, उसका जिम्मेदार चुनाव आयोग है। हम भरोसा दिलाते हैं कि हम नई व्यवस्था बनाएंगे और बंगाल में किसी भी तरह की हिंसा की घटना नहीं होगी।’