Friday, September 25, 2026

प्रेसिडेंट कौन:व्हाइट हाउस की पार्टी में ओबामा छाए, बाइडेन को उन्होंने वाइस प्रेसिडेंट बताया; तन्हा घूमते रहे US प्रेसिडेंट- देखें VIDEO

जो बाइडेन को अमेरिकी राष्ट्रपति बने करीब 15 महीने हो गए। वो उसी डेमोक्रेट पार्टी से हैं, जिससे उनके पूर्व बॉस बराक ओबामा थे। ओबामा को व्हाइट हाउस छोड़े भी पांच साल हो गए हैं। बुधवार को एक प्रोग्राम के लिए ओबामा व्हाइट हाउस पहुंचे। बाइडेन समेत तमाम नेता मौजूद थे। इस दौरान हर कोई बराक से ही मिलना चाहता था। बाइडेन को किसी ने तवज्जो ही नहीं दी। इस घटना का वीडियो अगर गौर से देखें तो पाएंगे कि इस तरह नजरअंदाज किए जाने से बाइडेन किस कदर मायूस थे।

पहले मामला समझते हैं
ओबामा के दौर यानी 2009 से 2017 के बीच हेल्थ सेक्टर में एक बहुत कामयाब प्रोग्राम शुरू किया गया था। इसका नाम था ‘अफोर्डेबल केयर एक्ट’। अमेरिकी मीडिया इसे ओबामा केयर भी कहता है। 2010 में इसे लॉन्च किया गया था। 2017 से 2021 के बीच डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति रहे। उन्होंने इसे कुछ बदवाल के साथ लागू किया। बाइडेन के दौर में इस ओबामा केयर को नई पॉलिसी एक्सटेंशन दी गई है। ओबामा इसी से जुड़े प्रोग्राम में शामिल हुए।

प्रोग्राम के दौरान ओबामा स्टेज पर पहुंचे। यहां जो बाइडेन और कमला हैरिस भी मौजूद थे। ओबामा ने भाषण की शुरुआत में सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया। जब बाइडेन की बारी आई तो ओबामा ने कहा- मिस्टर बाइडेन वाइस प्रेसिडेंट….। इस पर व्हाइट हाउस के ईस्ट साइड हॉल में हर कोई ठहाके लगाने लगा। चंद सेकंड बाद ओबामा ने फिर यही लफ्ज दोहराए। फिर रुके और कहा- इसे बस मजाक समझिए।

बाइडेन दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति हैं, लेकिन बुधवार रात महफिल तो ओबामा ने लूटी। हर कोई उनसे मिलने को बेताब था और बराक भी उन्हें भरपूर वक्त दे रहे थे। दो मौके ऐसे आए जब ओबामा चाहने वालों से घिरे थे और बाइडेन खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे थे। एक मौके पर तो ऐसा लगा जैसे उन्हें नजरअंदाज किए जाने का दर्द है।

रिपब्लिकन पार्टी के तमाम नेता गाहे-बगाहे कहते रहे हैं कि बाइडेन भले ही व्हाइट हाउस में रहते हों, लेकिन एडमिनिस्ट्रेशन और पॉलिसीज की असली कमान बराक ओबामा के हाथ में है। कहा जाता है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी भी ओबाामा के कहने पर ही हुई थी। पिछले दिनों एक रिपब्लिकन सांसद ने कहा था- बाइडेन का रिमोट कंट्रोल ओबामा के हाथ में है। उनकी कैबिनेट में भी वही लोग हैं जो ओबामा के दौर में भी थे।